भ्रष्टाचार में डूबा नगर निगम गुरुग्राम !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 6 दिसंबर। यह बड़ी शर्म की बात है कि पूरे संसार में साइबर सिटी के तौर पर मशहूर गुरुग्राम शहर अब भ्रष्टाचार के मामले में भी नंबर वन हो चुका है! विश्व के कई देशों की कंपनियों के कार्यालय गुरुग्राम में स्थापित हो चुके हैं और बहुत से देशों के प्रतिनिधि यहां पर व्यापारिक कारणों से आते रहते हैं! गुरुग्राम में फैले हुए जबरदस्त भ्रष्टाचार के कारण हमारी विदेशों में छवि धूमिल होती जा रही है! गुरुग्राम के नगर निगम के तो रोजाना भ्रष्टाचार के घोटाले सामने आते रहते हैं! बड़ी हैरानी की बात है कि भाजपा सरकार के पांच साल पूरे हो चुके हैं और दूसरा राज्य काल शुरू हो चुका है! पिछले पांच सालों में गुरुग्राम की कष्ट शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर थे व अब फिर दोबारा से गुरुग्राम की इस समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री ही होंगे! अब एक गंभीर सवाल उठता है कि जब पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री खुद गुरुग्राम की समस्याओं से संबंधित शिकायतों को सुनते रहे हैं तो फिर यहां के नगर निगम में लगातार हो रहे घोटालों पर उनकी नजर क्यों नहीं गई! गुरुग्राम की जनता को पूरा पूरा शक है कि नगर निगम गुरुग्राम में पिछले पांच सालों में लूट खसोट की बहुत बड़ी दुकानदारी चली है जिस का परिणाम यह हुआ कि आज गुरुग्राम एक कूड़ा ग्राम बन कर रह गया! भाजपा सरकार ने गुडग़ावं से नाम बदल कर गुरुग्राम तो कर दिया परंतु गुरुग्राम के नगर निगम के भ्रष्टाचार को ईमानदारी में नहीं बदल पाये मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर!
गुरुग्राम में हर महीने कई कई बार आने के बावजूद भी मुख्यमंत्री नगर निगम के भ्रस्टाचार को खत्म नहीं कर सके और नगर निगम में बड़े स्तर पर हो रहे घोटालों की वजह से ही गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई! नगर निगम के पार्षद जनता के वोटों से जीत कर निगम की कुर्सी पर बैठने के बाद अपने वार्ड की जनता को पूर्णतया भूल जाते हैं और सरकार से आने वाली योजनाओं के फंड को हजम करने में लगे रहते हैं! यहां तक इन पार्षदों की बेशर्मी बढ़ जाती है कि छोटे छोटे कामों के लिए भी ये जनता से काम करने के बदले में पैसे की लूट खसोट करते हैं और अपने वार्ड की गलियों की दुर्दशा का हाल जानने कभी नहीं जाते! नगर निगम से गुरुग्राम की जनता इतनी ज्यादा परेशान हो गई है कि यहां की जनता अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ईमानदारी और कार्य शैली के बारे में भी खुलेआम आरोप लगाने लगी है और दबी जुबान से लोग कहने लगे हैं कि कहीं मुख्यमंत्री खुद ही इस भ्रष्टाचार में शामिल हो गये हों! इन बातों से मुख्यमंत्री की खुद की छवि भी खराब होने लगी है! नगर निगम गुरुग्राम के घोटालों के बारे में यदि गहराई से देखते हैं तो मालूम पड़ता है कि बिन खर्ची पर्ची के काम होने का नारा लगाने वाली भाजपा सरकार के राज में गुरुग्राम के नगर निगम सहित सभी सरकारी विभागों में काम करवाने के लिए जनता को खर्ची पर्ची के दाम बहुत ज्यादा देने पड़ रहे हैं! यह है भाजपा सरकार की ईमानदारी की असली पोल! अब यदि बात करें गुरुग्राम के विकास की तो विकास के नाम पर यहाँ पर विनाश ही विनाश नजर आता है! सडक़ों पर पड़े हुए जबरदस्त खड्डे व भरा हुआ सीवर का गंदा पानी तथा हर गली मौहल्लों में लगे हुए कूड़े कर्कट व गंदगी के ढ़ेर नगर निगम में फैले हुए भ्रष्टाचार की बड़ी सुंदर तस्वीर पेश करते हैं!
गुरुग्राम की जनता की तरफ से बार-बार आने वाली शिकायतों के कारण सभी राष्ट्रीय अख़बार व न्यूज पोर्टल कूड़े कर्कट व गंदगी की खबरें निरंतर प्रकाशित कर रहे हैं परंतु नगर निगम के सभी पार्षदों व मेयर ने आँखें मूंद कर कान भी बंद कर लिए हैं और जनता की किसी शिकायत को सुनते नहीं! जब अख़बारों अन्य न्यूज मिडिया में खबरें छपने के बाद जनता ने नगर निगम के घोटालों के खिलाफ हंगामा शुरू किया तो अब भ्रष्टाचार रूपी मलाई खाने वाले सभी पार्षद नकली ड्रामा करते हुए आपस में एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और मेयर को पद से हटाने के लिए जोर लगा रहे हैं जब कि नगर निगम गुरुग्राम की मेयर सहित सभी पार्षद मिल कर जनहित की योजनाओं के फंड का पैसा हजम कर चुके हैं और गुरुग्राम को कूड़े की महानगरी के रूप में तबदिल कर दिया! भाजपा के विधायक व मंत्री भी मदारी की तरह नौटंकी कर रहे हैं! स्थानीय निकाय विभाग का मंत्रालय अब अनिल विज के पास है! जनता को दिखाने के लिए ड्रामा करते हुए अनिल विज ने नगर निगम करनाल में छापा मार कर पांच कर्मचारी सस्पेंड कर के यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री को कह देना कि इन को अनिल विज ने सस्पेंड किया है! इस बात का सीधा-सीधा अर्थ एक ही निकलता है कि स्वयं मुख्यमंत्री ही नगर निगमों में भ्रष्टाचार करवा रहे है! नगर निगम गुरुग्राम में हो रहे इस वक्त जबरदस्त ड्रामे को देखकर तो लगता है कि नगर निगम का माल तो खा गए सभी भाजपाई मिल कर और अब गुरुग्राम की जनता के जागरूक होने के कारण घबरा कर मेयर को हटाने का ड्रामा करने लगे परंतु जनता सब जानती है!



