कभी राहुल गांधी के खास रहे अशोक तंवर ने अब कांग्रेस के खिलाफ बनाया अपना भारत मोर्चा

हरियाणा : दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से छात्र राजनीति करते हुए कांग्रेस में बड़े मुकाम तक पहुंचे अशोक तंवर ने अब कांग्रेस के खिलाफ ही मोर्चा खोल लिया है। उन्होंने अपना भारत मोर्चा का गठन कर दिया है। अशोक तंवर ने डिजिटल माध्यम से मोर्चे के गठन का ऐलान किया। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में अशोक तंवर की धर्मपत्नी अवंतिका तंवर माकन मौजूद रही। इसी तरह अलग-अलग जगहों पर तंवर के समर्थक मौजूद रहे।
अशोक तंवर कभी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खासमखास लोगों में शुमार थे। हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन अब वो राज्य की सियासत में अपनी सियासी राह तलाशने में जुट गए हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, यूथ कांग्रेस के प्रभारी और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रह चुके पूर्व सांसद अशोक तंवर अब कांग्रेस के खिलाफ ही अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है, जिसका आगाज उन्होंने कर दिया है। इसी सियासी दल के जरिए वह आगे की अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम देंगे।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। हुड्डा के दबाव के चलते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अशोक तंवर को हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाया गया था और कुमारी शैलजा को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा गया था। इसके बाद अशोक तंवर ने नाराज होकर पार्टी छोडऩे का एलान कर दिया था। कांग्रेस छोडऩे के बाद तंवर ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी को अपना समर्थन दिया था। इसके बावजूद अशोक तंवर हरियाणा में कांग्रेस को कोई खास नुकसान पहुंचा पाए। अब करीब डेढ़ साल बाद वह नया मोर्चा बना कर दोबारा अपने पैर जमाने की कोशिश में हैं।
अशोक तंवर ने मोर्चा बनाने का फैसला अचानक नहीं लिया बल्कि वह कांग्रेस छोडऩे के बाद ही से इस दिशा में काम कर रहे थे। सिरसा से सांसद रह चुके अशोक तंवर हरियाणा को अपनी कर्मभूमि बनाएंगे। इसलिए सिरसा में अशोक तंवर के निवास के साथ ही मोर्चे के कार्यालय भी तैयार हो गया है। अशोक तंवर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपना भारत मोर्चा का गठन किया।
अशोक तंवर अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं, जिसमें उनकी पत्नी अवंतिका माकन तंवर भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी दिखाई दे रही हैं। अशोक तंवर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल के अपने समर्थकों के साथ नए दल का गठन कर दिया है।
बता दें कि हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए अशोक तंवर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है, इसकी शुरुआत 2014 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तब शुरू हो गई थी, जब हुड्डा ने तंवर को उनकी पसंद के टिकट नहीं लेने दिए थे। फिर इसके बाद दोनों में आरोप-प्रत्यारोप तथा दिल्ली दरबार की राजनीति में एक दूसरे को पीछे धकेलने का लंबा खेल चला, जो तब तक जारी रहा, जब तक अशोक तंवर ने कांग्रेस को अलविदा नहीं कह दिया।



