लद्दाख से पश्मीना शॉल लेकर आए हैं श्रृंग डोटकर

– कला का अद्भुत नमूना है यह शॉल

सूरजकुंड (फरीदाबाद), 7 फरवरी। सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में विदेशी शिल्पकारों के साथ-साथ स्वदेशी शिल्पकार भी अपने हुनर से पर्यटकों पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। भारत के मुकुट के रूप में प्रसिद्ध जम्मू कश्मीर व लद्दाख के शिल्पकार भी अपनी कृतियों से मेले में प्रसिद्धि पा रहे हैं। लद्दाख के ब्रांड ला पश्मीना ग्रुप द्वारा स्टॉल 1024 पर ऊन से निर्मित पोशाक प्रदर्शित की गई हैं। श्रृंग डोटकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम लगातार तीसरे वर्ष इस मेले का हिस्सा बन रही है। इस टीम द्वारा दस सदस्यीय समूह गठित कर क्षेत्र के गरीब परिवारों को भी रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह के तहत गरीब परिवारों को रोजगार देकर उनका आर्थिक सशक्तिकरण किया जा रहा है। इस स्टॉल पर पश्मीना शॉल, मफलर, स्टोल, स्वैटर, कैप आदि प्रदर्शित की गई हैं। श्रृंग डोटकर ने बताया कि उनके क्षेत्र में भेड़ की ऊन से यह उत्पाद बनाए जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्र में शिल्पकार व बुनकर इन उत्पादों से अपनी आजीविका कमा रहे हैं।

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