भोजपुरी भाषा एवं साहित्य के प्रवर्तक डॉ० पी एन सिंह के पुण्यतिथि पर हुआ श्रद्धांजलि सभा का ऑनलाइन आयोजन

फरीदाबाद । यमुना रक्षक दल  के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ० आर एन सिंह के संयोजन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, प्रबंधन दिव्यद्रष्टा एवं भोजपुरी भाषा एवं साहित्य के प्रवर्तक संयुक्त  बिहार के भूतपूर्व वित्त राज्य मंत्री डॉ० पी एन सिंह के पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का ऑनलाइन आयोजन किया गया। इस अवसर फरीदाबाद से भोजपुरी अवधी समाज के चेयरमैन पं० रमाकांत तिवारी, प्रथम महापौर सूबेदार सुमन तथा अंतर्राष्ट्रीय रौनियार फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, दिल्ली से दिल्ली स्कूल ऑफ़ प्रोफेशनल स्टडीज एंड रिसर्च के चेयरमैन प्रोफेसर बी पी सिंह, बिहार से भारत सरकार के भूतपूर्व मानव संसाधन राज्य मंत्री  डॉ० संजय पासवान, भूतपूर्व कुलपति वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय आरा,  डॉ० आई सी कुमार (IAS), भूतपूर्व कुलपति, तिलका माँझी विश्वविद्यालय भागलपुर, डॉ० रिपुसूदन प्रसाद श्रीवास्तव तथा डॉ० जय कान्त सिंह जय, झारखण्ड के भूतपूर्व मुख्य सचिव डॉ० अशोक कुमार सिंह, ओड़िसा के श्री श्री विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० ए के सिंह, उत्तर प्रदेश वृन्दावन से यमुना रक्षक दल  के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जय कृष्ण दास जी, नागालैंड से डॉ० पी एन सिंह के ज्येष्ठ पुत्र राजीव रंजन सहित अनेक गणमान्य लोगों ने ऑनलाइन श्रद्धांजलि अर्पित किए।

यमुना रक्षक दल  के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ० आर एन सिंह ने डॉ० पी एन सिंह के जीवन पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ० पी एन सिंह अर्थशास्त्री के रूप अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे। वे अपने वित्त मंत्रित्व काल में सरप्लस बजट की अवधारणा को लगातार तीन बार धरातल पर लाकर नया आयाम स्थापित करने का काम किए। उनके वित्त मंत्री बनने से पहले बिहार सरकार कोयला खद्यानों वाले क्षेत्रों के विकास में खर्चे के रूप में 50 % हिस्सा देती थी किन्तु डॉ० पी एन सिंह के विद्वतापूर्ण तर्कों एवं विश्लेषण के  कारण उस समय की प्रधानमंत्री स्व० इन्दिरा गाँधी को बिहार सरकार एवं केन्द्र सरकार को प्राप्त होने वाले मुनाफा के अनुपात में हीं खर्च को तय करना पड़ा था। शिक्षा एवं शिक्षकों के लिए उनके द्वारा उठाए गए सकारात्मक कदम आज भी याद किए जाते हैं । डॉ० आर एन सिंह ने बताया कि डॉ० पी एन सिंह का भोजपुरी प्रेम के कारण फरीदाबाद से विशेष लगाव था, वे अपने जीवन काल में विभिन्न अवसरों पर दर्जनों बार यहाँ आए थे।  फरीदाबाद के भोजपुरी प्रेमी उन्हें कभी भुला नहीं सकते।  इस अवसर पर डॉ० आर एन सिंह ने “प्रो० (डॉ०) पी एन सिंह – इकोनॉमिस्ट एंड मैनेजमेंट विज़नरी” पुस्तिका को ऑनलाइन लोकार्पित किया।  

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