महामारी की तीसरी लहर से बचने के लिए आयुष चिकित्सा पद्धितियां कारगर

  • जिले में विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक औषधालयों के अंतर्गत निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाये जा रहे हैं

फरीदाबाद, 07 जनवरी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचने के लिए आयुष चिकित्सा पद्धितियां कारगर हैं। प्रदेश में बढ़ते हुए कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते आयुष विभाग, फरीदाबाद द्वारा जिले में विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक औषधालयों के अंतर्गत निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाये जा रहे हैं।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि इन शिविरों में आमजन को रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने तरीके व गुडूची घनवटी, अश्वगंधाचूर्ण, अणुतेल तथा अन्य औषधियां रोग के आधार पर आयुष चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करवाई जारही हैं। माह दिंसबर में विभाग द्वारा 10 शिविरों का आयोजन किया गया, जिस में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। डा. अजीत सिंह, द्वारा बताया गया कि कोविड-19 के तीसरी लहर की रोकथाम के लिए आयुष चिकित्सा पद्धितियां पूर्ण रूप से कारगर हैं।

कोविड से बचाव हेतु प्रतिदिन उपयोग के लिए निम्न उपाय हैं जैसे प्रतिदिन गरारे करना, गर्म पानी पिये, पानी में धनियां, सोंठ, तुलसी एंव काली मिर्च उबालकर गर्म पानी पीते रहें, अणु/षडबिन्दु तेल का नस्त।

सामान्य दिनचर्या में बदलाव जैसे प्रति दिन योगा अभ्यास, अच्दी नींद ले और तनाव मुक्त रहें, आधा चम्मच हल्दी से उबला दूध अवश्य लें, हल्के लक्षण आने पर गुडूची घनवटी/संशमनीवटी एक-एक गोली प्रति सुबह-शाम लें, ज्वर आने पर आयुष-64 की 2-2 गोली लें।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु होम्योपैथिक की आरसेनिक-30 की पांच दिन तक प्रति दिन चार से पांच गोली लें।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन जैसे की समाजिक दूरी, मास्क लगाना एंव बार-बार हाथ धोना सुनिश्चित करें।

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