यमुना नदी का प्रदुषित पानी सभी के लिए चिंता का विषय : डॉ. शिव सिंह रावत

नई दिल्ली : गंगा बेसिन में जल संवेदनशील शहरों को बनाने पर सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) दिल्ली द्वारा नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से इंडिया हैबिटेट सेंटर नई दिल्ली में 15 मार्च 2023 को एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनएमसीजी के महानिदेशक जी॰ अशोक कुमार थे तथा सत्र की अध्यक्षता एनआईयूए के मुख्य सलाहकार राजीव रंजन मिश्रा ने की।कार्यशाला का संचालन सीएसई के दीपिंदर सिंह कपूर ने किया।विभिन्न वक्ताओं के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए। सीएसई और एनएमसीजी के बीच तीन साल की साझेदारी 2021 -23 के तहत ज्ञान सम्मेलनों की शृंखलाओं में से यह एक सम्मेलन था जिसका उद्देश्य नदी के स्वास्थ्य/प्रवाह में सुधार के उद्देश्य से गंगा बेसिन में जल संवेदनशील शहरों को बनाना है।
सम्मेलन का उद्देश्य पानी, बरसाती पानी, झीलों और जल निकायों, विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट जल उपचार प्रणालियों और सेप्टेज प्रबंधन चुनौतियों और प्राथमिकताओं की साझा समझ विकसित करके प्रमुख विशेषज्ञों और शहर के अधिकारियों, शिक्षाविदों और गैर सरकारी संगठनों के साथ गहन अंतर्दृष्टि और जुड़ाव पैदा करना था। प्रतिभागियों में सरकारी अधिकारी, व्यवसायी और जल, शहरी जल और इसके प्रबंधन के प्रशासनिक और राजनीतिक आयामों से जुड़े प्रमुख हितधारक शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार के विभिन्न मिशनों- जल जीवन मिशन (जेजेएम), अटल भुजल मिशन (एबीएम), जल शक्ति मिशन (जेएसएम), कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमरूत)और स्वच्छ भारत मिशन के बीच सामंजस्य स्थापित करना है।
डॉ. शिव सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता (सेवानिवृत्त) सिंचाई और जल संसाधन विभाग हरियाणा गुड़गांव ने कॉन्क्लेव में भाग लिया और संवाद सत्र के दौरान यमुना नदी (गंगा नदी की मुख्य सहायक नदियों में से एक) के अत्यधिक प्रदूषित और जहरीले पानी के बारे में अपनी चिंताओं को उठाया। उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, मेवात और गुड़गाँव के सोहना क्षेत्र को सिंचाई और अन्य उद्देश्यों के लिए आगरा नहर और गुड़गांव नहर के माध्यम से यह प्रदूषित पानी मिल रहा है। उद्योगों के बहिःस्राव से प्रदूषकों के उच्च स्तर के कारण इन जिलों में कैंसर के मामलों और जल जनित रोगों में वृद्धि हुई है। डॉ. रावत ने डीजी एनएमसीजी से अत्यधिक प्रदूषित पानी के उपचार के लिए तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया। डीजी ने आश्वासन दिया कि यमुना नदी की सफाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं और कार्य तेज़ी से चल रहा है। उल्लेखनीय है कि डॉ. शिवसिंह रावत जल संसाधनों के मुद्दे समय समय पर उठाते रहते हैं। विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए सम्मानित किया जा चुका है।



