अतिथि अध्यापकों ने दी राजरानी को श्रद्धांजलि

बल्लभगढ़ : जिले के अतिथि अध्यापकों ने स्वास्तिक गार्डन सैक्टर-3, बल्लभगढ़ में एकत्रित होकर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। विदित हो कि 07 सितम्बर, 2008 को आन्दोलन के दौरान अतिथि अध्यापिका राजरानी बलिदान हो गई। उनकी 15वीं पुण्यतिथि पर जिले के अतिथि अध्यापक भारी संख्या में एकत्रित हुए और बलिदानी राजरानी को श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित किए।

जिला प्रधान रघु वत्स ने बताया कि अतिथि अध्यापिका राजरानी ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लगे 15 हजार अतिथि अध्यापकों की नियमित करने की मांग को लेकर जारी आन्दोलन में प्रशासन की गोली का शिकार होने पर अपने प्राणों की आहुति दी। वीरांगना के इस बलिदान को अध्यापक वर्ग युगों-युगों तक याद करेगा। हर महिने अतिथि अध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन सरकार ने अपने वादे के उलट अतिथि अध्यापकों को सुविधाओं से आज तक दूर रखा हुआ है जोकि सरकार का अतिथि अध्यापकों के प्रति धोखा है।

प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने अतिथि अध्यापकों से वादा कर फरवरी, 2019 के विधानसभा सत्र में “अतिथि शिक्षक सेवा सुरक्षा एक्ट-2019” पास किया, लेकिन लगभग चार साल गुजरने को है आज तक अतिथि अध्यापकों को उस एक्ट का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। जिसके लिए अतिथि अध्यापकों ने कई बार आन्दोलन किए हैं, लेकिन हरियाणा सरकार समय देकर आन्दोलन को तोड़ने का काम करती और आम जनता से झूंठी वाहवाही लूटती है। सुविधाएं देने वाली फाइलें आज भी टेबलों पर धूल फांक रही हैं। जिससे लगता है कि सरकार जान बूझकर अतिथि अध्यापकों को गुमराह कर रही है। जिले के समस्त अतिथि अध्यापकों ने आह्वान किया है कि सरकार जल्द अपने वादे को पूरा करे अन्यथा प्रदेश का समस्त अतिथि अध्यापक एकता के साथ सरकार को हिलाने का काम करेगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष विजय पाल नरवाल, महासचिव भागीरथ शास्त्री, ब्लॉक प्रधान ललित शर्मा व सुन्दर भड़ाना, कमल दीक्षित, रवि मोहन, मनोज शास्त्री, देवेन्द्र मलिक, रविन्द्र, सुभाष चन्द्र, राजेश, बीरपाल नागर, राजकुमार शास्त्री, विजय कुमार, वीरेन्द्र कुमार, सुमन कुमारी, सुनीता, पूनम कुमारी, कृष्णा शर्मा, सरला रानी, ललिता, मधु, रश्मि विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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