मधुमक्खी पालकों तक 500 करोड़ रूपये की राशि शीघ्र पहुंचाई जाए : राजकुमार तंवर

फरीदाबाद, 24 मई। मधुमक्खी पालकों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है उसका सही तरीके से प्रयोग करके मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाया जाए। जिससे उनको आर्थिक मदद मिल सके। गांव पालुवास निवासी राजकुमार तंवर पिली दवाईवाला ने बताया कि लोकडाउन, बढ़ती हुई गर्मी व अन्य समस्याओं के कारण पूरे देश में 4 से 5 लाख मधुमक्खी बॉक्स खत्म हुए हैं। हरियाणा प्रदेश में 1 लाख व अकेले भिवानी जिले में 5 हजार के लगभग बॉक्स खराब हुए हैं। जिसके कारण पूरे देश में मधुमक्खी पालकों को अनुमानित 1200 करोड़ रूपये का भारी नुकसान हुआ है।
वहीं दुसरी तरफ मधुमक्खी पालकों का शहद बड़ी-बड़ी कंपनियां ट्रेडरों के माध्यम से कोडिय़ों के भाव में शहद खरीद रही हैं वे पैसे भी पूरे नहीं दिए जा रहे। उन्होंने बताया कि लोकडाउन के कारण शहद की स्पलाई नहीं हो पाई जिसके कारण पालकों को मधुमक्खीयों को खिलाई जाने वाली फिड खरीदने के लिए मजबूरी में ट्रेडरों के माध्यम से कंपनियों को शहद बेचना पड़ रहा है। ये कंपनिया उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए कम दाम में शहद की खरीद कर रही है और खरीद का पैसा भी समय पर पूरा नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो मधुमक्खी पालक अपने घरों में बैठ जाएंगे और शुद्ध शहद मिलना कठिन हो जाएगा। राजकुमार तंवर ने सरकार से मंाग करते हुए कहा कि इन कंपिनयों से शहद की खरीद का उचित मुल्य दिलाया जाए तथा अमेरिका की तरह एनएमआर टैस्ट को देश में लागू किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार ने जो घोषणा की है उस पैसे को शीघ्र मधुमक्खी पालकों के बैंक खातों में डाला तथा उनके द्वारा तैयार शहद को उचित मुल्य पर खरीदा जाए तथा उस शहद को आर्मी की कैंटिन, मिडेमिल में भेजा जाए ताकि
हमारे जवान व बच्चों को शुद्ध शहद खाने को मिले। उन्होंने बताया कि शुद्ध शहद हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे संक्रमण वाली बिमारियों से बचा जा सकता है।



