35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में काशिश मित्तल ने शास्त्रीय संगीत का बिखेरा जादू

  • पूर्व आई.ए.एस. एवं महान शास्त्रीय संगीतज्ञ काशिश मित्तल ने छोटी चौपाल में मचाई धूम

सूरजकुंड, (फरीदाबाद) : आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में हरियाणा के कला एवं सांस्कृतिक विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महान शास्त्रीय संगीतज्ञ व पूर्व आईएएस कशिश मित्तल ने खचाखच भीड़ को शास्त्रीय संगीत के माध्यम से मंत्रमुगध कर दिया।

उन्होंने मेला परिसर में स्थापित छोटी चौपाल पर दर्शकों को शास्त्रीय संगीत ,सुफी संगीत और राजस्थानी गीत की प्रस्तुति देकर खूब वाहावाही लूटी। आपको बता दें कि कशिश मितल ने आईएएस पद त्याग कर शास्त्रीय संगीत की कला को चुना है। महज 32 वर्षीय कशिश मित्तल ने शास्त्रीय संगीत में अमिट छाप छोडी है।

कशिश मित्तल एक प्रतिभाशाली और निपुण हिंदुस्तानी हैं। वे आगरा का प्रतिनिधित्व करने वाले शास्त्रीय गायक हैं। उन्हें ए ग्रेड के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के कलाकार के रूप में भारतीय सांस्कृतिक परिषद द्वारा एक स्थापित कलाकार माना जाता है। उन्होंने आगरा घराने के बहुत होनहार युवा कलाकारों में से एक और भारतीयों में अपने लिए एक विशेष स्थान बनाया है। वह एक पूर्व आईएएस अधिकारी भी हैं।

वे 21 साल की उम्र में प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में शामिल हो गए। हालांकि, उनका हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रति जुनून ने उन्हें हमेशा परफॉर्मिंग कला के लिए प्रेरित किया।

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