सावन के पहले सोमवार से शुरू हुआ मिशन जागृति का त्रिवेणी प्रोजेक्ट – विपिन भारद्वाज

फरीदाबाद 6 जुलाई। मिशन जागृति के द्वारा त्रिवेणी कि शुरुआत सावन पहले सोमवार से सैक्टर 2 के पार्क से की, जहा पर चार त्रिवेणी लगाए! संस्था के पर्यावरण सचिव विपिन भारद्वाज ने बताया कि संस्था के द्वारा लगातार पीपल, बरगद और नीम कीत्रिवेणी लगाई जाएगी! त्रिवेणी लगाना संसार का सबसे श्रेष्ठ कार्य है। त्रिवेणी में बढ़ नीम और पीपल के पेड़ लगाए जाते हैं। हर इंसान को अपने जीवन में एक त्रिवेणी जरूर लगाना चाहिए। कहा जाता है कि त्रिवेणी जैसे-जैसे बढ़ती है वैसे-वैसे इंसान की सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। त्रिवेणी को संसार में सहायक यज्ञ की संज्ञा भी दी गई है। त्रिवेणी लगाने से एक नई ऊर्जा का संचार होता है। त्रिवेणी में शामिल नीम सबसे अच्छी औषधि के रूप में जाना जाता है। नीम से बहुत सारी औषधि बनाई जाती हैं वहीं त्रिवेणी लगाकर ग्लोबल वार्मिंग को कम किया जा सकता है। यदि समय रहते वृक्षारोपण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी शुद्ध वायु के लिए तरस जायेगी! हिंदू शास्त्र में वट वृक्ष की पूजा भी की जाती है, वट वृक्ष में ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों का वास माना जाता है। जिस पेड़ में जितनी ज्यादा प्रतियां होती है उतनी ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है इसलिए त्रिवेणी लगाने से हमें सबसे ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है।
संस्था के विपिन शर्मा और सुनीता रानी ने बताया कि जैसा कि आपको पता है कि मानसून जल्दी आने वाले हैं। मानसून के समय में पेड़-पौधे काफी उन्नति करते हैं। मिशन जागृति संस्था पिछले कई सालों से काफी पेड़-पौधे लगाते आई है। अब मिशन जागृति संस्थान है त्रिवेणी प्रोजेक्ट स्टार्ट किया है जिसमें हम नीम-बरगद-पीपल के वृक्ष लगा रहे हैं। यह पेड़-पौधे हम स्कूल, कॉलेज, मंदिर, पार्क आदि कई स्थानों पर लगा रहे हैं। इन पौधों को लगाने के कई फायदे हैं जैसे इन पौधों से कई बीमारियों का इलाज होता है, यह हमें अच्छी छाया देते हैं। पीपल का पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन देता है जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक है। यह पौधे काफी घने हरे-भरे और काफी बड़े होते हैं। हमारी पौराणिक कथाओं के अनुसार इन पौधों में देवी देवताओं का वास होता है लोग इनकी पूजा भी करते हैं।

श्रीमति संगीता नेगी और लता सिंगला ने बताया कि त्रिवेणी लगाना संसार का सबसे श्रेष्ठ कार्य है। त्रिवेणी में बढ़, नीम और पीपल के पेड़ लगाए जाते हैं। हर इंसान को अपने जीवन में एक त्रिवेणी जरूर लगाना चाहिए। कहा जाता है कि त्रिवेणी जैसे-जैसे बढ़ती है वैसे-वैसे इंसान की सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। त्रिवेणी को संसार में सहायक यज्ञ की संज्ञा भी दी गई है। त्रिवेणी लगाने से एक नई ऊर्जा का संचार होता है। त्रिवेणी में शामिल नीम सबसे अच्छी औषधि के रूप में जाना जाता है।
श्रीमति शुस्मिता भौमिक एवं पूजा शर्मा ने कहा कि यह तीनों पेड़ त्रिवेणी जिसको कहा जाता है। पीपल को वृक्ष राज कहा जाता है। आज जब चारों तरफ प्रदूषण फैल रहा है, इस बीच पीपल ही एक ऐसा पेड़ है जो दिन और रात ऑक्सीजन देता रहता है।
इस अवसर पर संगीता नेगी, सुनीता रानी, लता सिंगला, गीता सागर, सुष्मिता भौमिक, अरुणा चौधरी, पूजा शर्मा, विपिन शर्मा, रजेंदर नागर, विकास कश्यप, ध्रमेंदर, अनिल चौहान, अशोक भटेजा, दिनेश सिंह, अभिषेक, दिनेश कुमार, गुरनाम सिंह, राजेश भूटिया, हिमांशु भट्ट की विशेष भूमिका रही।



