किसान बागवानी में ‘स्टैकिंग विधि’ के प्रयोग से कमाए अच्छा मुनाफा : डीसी

  • हरियाणा सरकार सब्जियों में बांस स्टैकिंग व लौह स्टैकिंग पर दे रही है 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान

फरीदाबाद, 14 जून। उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने किसानों का आह्वान किया कि वे किसान बागवानी में ‘स्टेकिंग विधि’ का प्रयोग करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। हरियाणा सरकार द्वारा सब्जियों में बांस स्टैकिंग व लोहे स्टैकिंग को प्रयोग करने के लिए किसानों को 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान राशि प्रदान कर रही है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बागवानी पोर्टल https://hortharyanaschemes.in पर ऑनलाइन आवदेन करना होगा।

डीसी ने आगे बताया कि हाईटेक व अत्याधुनिक युग में खेती में नई-नई तकनीकें उभरकर सामने आ रही हैं। इससे किसानों को कई फायदे मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सब्जियों की खेती में ‘स्टैंकिंग’ ऐसी ही एक विधि का नाम है, जिसे अपनाकर किसान अच्छा लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई-नई तकनीकों से खेती करने का सबसे बड़ा फायदा होता है कि इससे ढेर सारी जानकारियां मिलती हैं और दूसरी इनसे मुनाफा और फसलों की पैदावार भी अधिक होती है।

बांस स्टैकिंग व लौह स्टैकिंग पर अलग-अलग अनुदान :

डीसी जितेन्द्र यादव ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा बांस स्टैकिंग की लागत 62 हजार 500 रुपए की धनराशि प्रति एकड़ पर 31250 से लेकर 56250 रुपये की धनराशि तथा लोहा स्टैकिंग लागत एक लाख 41 हजार रुपए प्रति एकड़ पर 70500 से लेकर एक लाख 26 हजार रुपए अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांस स्टैकिंग व लौह स्टैकिंग पर अधिकतम अनुदान क्षेत्र 1 से 2.5 एकड़ है। इस बारे में अधिक जानकारी वेबसाईट व दूरभाष नंबर 0172-2582322 पर प्राप्त की जा सकती है।

बहुत आसान है ‘स्टैकिंग’ तकनीक जिला उद्यान अधिकारी डॉ रमेश कुमार ने बताया कि किसान पहले पुरानी तकनीक से ही सब्जियों और फलों की खेती करते थे। लेकिन अब किसान स्स्केटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर खेती कर रहे हैं। क्योंकि यह तकनीक बहुत ही आसान है। इस तकनीक में बहुत ही कम सामान का प्रयोग होता है। स्टैकिंग बांस व लोहे के सहारे तार और रस्सी का जाल बनाया जाता है और सब्जियां उगाई जाती हैं। इस विधि से सब्जियों की पैदावार में भी बढ़ोतरी हो रही है।

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