अटाली में प्राचीन शिव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना

भगवान भोलेनाथ का आर्शीवाद लेने के लिए दूर दराज से आते है श्रद्धालु

– मंदिर को क्षेत्र के लोगों द्वारा चमत्कारी शक्ति के रूप में पूजा की जाती है।

फरीदाबाद, 12 फरवरी : फरीदाबाद के अटाली गांव में प्राचीन शिव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। स्थानीय निवासी ओमपाल, श्याम सिंह, बसंत सिंह, पृथी सैनी, गिर्राज सैनी, दलबीर, सचिन, सुरेश, भगत, आनंद, सौरव ने बताया कि मान्यता है कि प्राचीन समय में अटाली गांव के निवासी जिंदल परिवार ने एक मंदिर का निर्माण किया। मंदिर में शिवलिंग स्थापित करने के लिए अटाली से करीब 25 किलोमीटर दूर दनकौर से एक शिवलिंग को बैलगाड़ी में रखकर कच्चे रास्ते से गांव में लाया जा रहा था कि अचानक अटाली गांव से करीब 3 किलोमीटर पहले बैलगाड़ी के पहिये मिट्टी में धंस गए। सहायता के लिए और बैल गाड़ियों को लगाया गया लेकिन बैलगाड़ी टस से मस नहीं हुई। इसके बाद गांव के लोगों ने यह निर्णय लिया कि भोले नाथ जी यहां विराजमान होना चाहते है। उन्हें यही स्थापित कर दिया गया। कुछ दिनों बाद मंदिर का निर्माण किया गया जो आज एक विशाल मंदिर बन चुका है।

मंदिर का निर्माण कार्य फिलहाल भी जारी है। मंदिर के पास से ही केजीपी एक्सप्रेस वे निकाला गया है। दूर दराज के शिव भक्त भी मंदिर के दर्शन करने के लिए आते है। वर्ष में दो बार आस पास के गांव के लोग हरिद्वार,गोमुख से कावड़ लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते है। स्थानीय लोगों द्वारा विशाल मेला लगाया जाता है। विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। वर्तमान में अटाली-अरूआ गांव तक पक्की सडक़ का निर्माण होने के बाद मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। शिव भक्तों ने बताया कि इस मंदिर को क्षेत्र के लोगों द्वारा चमत्कारी शक्ति के रूप में पूजा की जाती है।

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