तिगांव विधानसभा में “सद्भाव यात्रा” को भारी जनसमर्थन

104वें दिन उमड़ा जनसैलाब, सामाजिक सौहार्द और लोकतंत्र का सशक्त संदेश

तिगांव : कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही “सद्भाव यात्रा” ने अपने 104वें दिन तिगांव विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश किया, जहां यात्रा को जनसाधारण का अभूतपूर्व समर्थन और ऐतिहासिक स्वागत मिला। यात्रा के दौरान युवाओं, महिलाओं, किसानों, सामाजिक संगठनों एवं ग्रामीण समुदाय की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सद्भाव यात्रा अब हरियाणा में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाला एक व्यापक जनआंदोलन बन चुकी है।

यात्रा की शुरुआत खेड़ी कलां (तिगांव) से हुई। इसके पश्चात यात्रा ताजपुर, शहाबाद, बुआपुर, भैंसरावली, तिगांव, तिगांव मार्केट, तीगढ़ बार मैमोरियल स्कूल, शदपुरा होते हुए फरीदपुर (तिगांव) पहुंची। यात्रा का रात्रि विश्राम किसान भवन, सेक्टर-16, फरीदाबाद में रखा गया है। तिगांव पहुंचने पर चौधरी छोटूराम सेवा समिति की ओर से खेड़ी कलां गांव में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जहां स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का जोरदार अभिनंदन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि “बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए समाज को बांटने की राजनीति करती है और अब वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप भी सामने आ रहे हैं।”

उन्होंने मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में वोटर लिस्ट में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मिलान में 2002 की पुरानी वोटर लिस्ट और 2024 की वोटर लिस्ट के बीच करीब 29 लाख वोटों का मिलान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि 20 विधानसभा क्षेत्रों में वोटों का मिलान 50 प्रतिशत से भी कम है, जबकि कई क्षेत्रों में यह 25 प्रतिशत से भी नीचे है। विशेष रूप से तिगांव विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां 2002 और 2024 की वोटर लिस्ट में मात्र 23 प्रतिशत वोटरों का ही मिलान हुआ है, जबकि 77 प्रतिशत वोटर गायब हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि “एक ही नाम, एक ही पिता का नाम और एक ही जन्मतिथि वाले लाखों वोटर सामने आ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था न रहकर बीजेपी का हिस्सा बनता जा रहा है।”

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि वोट चोरी की सबसे अधिक आशंका शहरी क्षेत्रों में रहती है, जहां लोगों के बीच आपसी पहचान कम होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई स्थानों पर एक ही कमरे के फ्लैट में 250-300 वोट दर्ज पाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन 16 विधानसभा क्षेत्रों में वोटों का मिलान 50 प्रतिशत से कम है, वहां बीजेपी विजयी रही है, जिनमें अंबाला कैंट, थानेसर, सोहना, भिवानी, पलवल, रोहतक, पानीपत ग्रामीण, बहादुरगढ़, पंचकूला, पानीपत सिटी, करनाल, फरीदाबाद, एनआईटी, हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, तिगांव, बल्लभगढ़ और बादशाहपुर शामिल हैं।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों से अपील की कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल पर सख्त निगरानी रखी जाए, ताकि लोकतंत्र के साथ कोई खिलवाड़ न हो।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि “सद्भाव यात्रा का असली मकसद उस भाईचारे को फिर से मजबूत करना है, जिसे बीजेपी ने सत्ता की राजनीति के लिए कमजोर किया है। कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो इस विभाजनकारी राजनीति का मजबूती से मुकाबला कर सकती है।”

इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ नेता एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से— हेमलता शर्मा (हरियाणा महिला कांग्रेस सचिव), पूर्व सरपंच चंदन सिंह, पूर्व आईपीएस महाराज सिंह, सतबीर पहलवान, हिदायत कमांडो, एडवोकेट जगत सिंह नागर, वेद प्रकाश यादव, मुकेश डागर, धर्मवीर (चेयरमैन), देशराज (सूबेदार), प्रभूदयाल, बीजेंद्र (थानेदार), रघुवीर (थानेदार), जयचंद (फौजी), ओमबीर नरवत, विनोद, प्रकाश सिंह, जितेंद्र सिंह (चेयरमैन), बिंदर नरवत, विकी डागर, कालू पहलवान, पवन नरवत, चांद सिंह फौगाट, विनोद कौशिक, एडवोकेट नवीन नागर, मोहित चंडिला (एनएसयूआई जिला अध्यक्ष), सूरजभान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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