छोटे उद्योगों व व्यापारियों के लिए “ग्रोथ का इंजन” है केन्द्रीय बजट : मूलचन्द मित्तल

आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर है बजट : मूलचन्द मित्तल

फरीदाबाद । बजट समिति जिला संयोजक मूलचन्द मित्तल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को “ग्रोथ का इंजन” बताते हुए कहा कि यह बजट हर वर्ग को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए उनके सपनों को साकार करने की दिशा में स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। मोदी सरकार की दूरदर्शी नीतियों पर आधारित यह बजट विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से देश के व्यापारियों और छोटे उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में निरंतर ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड, आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का कार्य हुआ है।

भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय अटल कमल पर बजट समिति जिला संयोजक मूलचन्द मित्तल ने फरीदाबाद औधोगिक नगरी के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों एवं बुद्धिजीवियों के साथ केंद्रीय बजट 2026-27 के उपलक्ष्य में आयोजित ‘बुद्धिजीवी एवं व्यापारी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता, उद्यमी तथा व्यापार जगत से जुड़े अनुभवी लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जिला बजट समिति के सह संयोजक एवं जिला संयोजक, आर्थिक प्रकोष्ठ हरीश मंगला, जिला महामंत्री भाजपा चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह अरुआ, जिला सचिव मनीष छोंकर, जिला कार्यालय सचिव राज मदान, जिला संयोजक बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ महेशचन्द अग्रवाल, कृष्ण कुमार शर्मा, माधव रावत, व्यापार प्रकोष्ठ सह संयोजक महेश पाहुजा, अश्वनी गुलाटी, ऐ.एस नागपाल मुख्य तौर पर उपस्थित रहे।

आर्थिक विकास की नई गाथा लिखने वाला है केंद्रीय बजट : हरीश मंगला

भाजपा फरीदाबाद का बुद्धिजीवी एवं व्यापारी संवाद कार्यक्रम, बजट 2026-27 के गिनाए लाभ

जिला बजट समिति के सह संयोजक एवं जिला संयोजक, आर्थिक प्रकोष्ठ हरीश मंगला ने केंद्रीय बजट को लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को संबल मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। केंद्रीय बजट 2026-27 में कैपिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान देश में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को मजबूती देगा। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान व्यापारियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और निवेश को प्रोत्साहन देगा। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ‘शी-मार्ट’ जैसे प्लेटफॉर्म गांव-गांव की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने, उनकी ब्रांडिंग करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देंगे। ग्लोबल सर्विस इंडस्ट्री में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुँचाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट एक निर्णायक कदम है और यह बजट देश के विकास की नई गाथा लिखने वाला, ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट है, जो निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की संभावनाओं को नई ऊंचाई देगा।

कार्यक्रम के सह संयोजक हरीश मंगला ने केंद्रीय बजट के विभिन्न प्रावधानों, खूबियों और व्यापार जगत पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार टैक्स कंप्लायंस को सरल करना, टैक्स दरों में कमी, जटिल कानूनों को समाप्त करना जैसे अनेक कदम व्यापारियों के हित में उठाए गए हैं और केंद्र और राज्य सरकारें नई-नई योजनाओं के माध्यम से उद्योग और व्यापार को निरंतर प्रोत्साहित कर रही हैं। यह बजट मोदी जी के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है।

बजट 2026 केवल आंकड़ों का नहीं 2047 के विकसित भारत का है रोडमैप : चौधरी प्रवीण गर्ग

बुद्धिजीवी एवं व्यापारी संवाद कार्यक्रम में आज भाजपा जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग ने उपस्थित व्यापारियों व बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट 2026 का फोकस युवाओं की कौशल को विकसित करके देश में ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा हों उसका प्रतिबिम्ब है । कृषि और ग्रामीण विकास के लिए कुल लगभग 4.36 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है ताकि ग्रामीण अर्थव्यस्था सुदृढ़ हो और देश का किसान खुशहाल हो । शिक्षा के विस्तार के लिए 1.40 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है । विनिर्माण और निर्यात को वैश्विक स्तर पर लाने के लिए बायोफार्मा शक्ति योजना, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40000 हजार करोड़, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग, 200 औद्योगिक क्लस्टरों का पुनरुद्धार, Export Promotion Mission और BharatTradeNet जैसी योजनाएँ तथा डानकुनी–सूरत फ्रेट कॉरिडोर, 20 राष्ट्रीय जलमार्ग और 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं। 7.85 लाख करोड़ डिफेन्स बजट रखा गया है । आत्मनिर्भरता, AI आधारित ‘भारत-विस्तार’ एग्री प्लेटफॉर्म और मत्स्य-पशुपालन को प्रोत्साहन दिया गया है। पूर्वोदय मिशन के तहत बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में औद्योगिक और पर्यटन विकास को बल मिला है।

उन्होंने बताया कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हर वर्ग के सपनों का प्रतिबिंब है और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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