केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फ़रीदाबाद लोकसभा की एक प्रेस वार्ता की जिसमें लोकसभा सत्र 2023 की उपलब्धियों को मीडिया के सामने रखा

फ़रीदाबाद : ‘अटल कमल’ भाजपा कार्यालय पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फ़रीदाबाद लोकसभा की एक प्रेस वार्ता की जिसमें लोकसभा सत्र 2023 की उपलब्धियों को मीडिया के सामने रखा ! इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों, घमंडिया गठबंधन ने लोक सभा में डाले व्यवधान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए बयान और भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य विधेयक के संशोधन बिल पर विस्तार से प्रकाश डाला I केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष पलवल चरण सिंह तेवतिया, नयनपाल रावत, पूर्व विधायक नगेन्द्र भड़ाना, पूर्व विधायक सुभाष कत्याल, सुभाष चौधरी, केहर सिंह रावत, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सोहनपाल, हरेंद्र सिंह, जिला महामंत्री मूलचंद मित्तल, आर एन सिंह, जिला मीडिया प्रमुख विनोद गुप्ता, जिला मीडिया सह-प्रमुख राज मदान और आई टी व सोशल मीडिया प्रमुख अमित मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

भारतीय जनता पार्टी संसदीय कार्यालय मॉनसून सत्र 2023 पर प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु

विषय सूची

1. पारित किये गये प्रमुख विधेयक और उनका महत्व

i. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दि ल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023

ii. डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण (डी.पी.डी.पी.) विधेयक, 2023

iii. मध्यस्थता विधेयक, 2023

iv. अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक, 2023

v. तटीय जलकृषि प्राधि करण (संशोधन) विधेयक, 2023

vi. राष्ट्रीय नर्सिं ग और मिडवाइफरी आयोग विधेयक, 2023

II. विपक्ष के घमंडिया गठबंधन द्वारा व्यवधान

1. विपक्ष के घमंडिया गठबंधन द्वारा विरोध प्रदर्शन

2. व्यवधानों के कारण निलंबन

3. संसद में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना

4. अविश्वास प्रस्ताव के दौरान व्यवधान एवं वॉक-आउट

III. मॉनसून सत्र की सकारात्मक बिदु

1. विपक्ष के घमंडिया गठबंधन की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

2. मॉनसून सत्र 2023 में विधायी कार्यक्रम

V. नरेंद्र मोदी द्वारा सदन में दिए गए भाषण के प्रमुख बिदु

VI. अमित शाह जी द्वारा सदन में दिए गए भाषण के प्रमुख बिदु

संसद का मॉनसून सत्र 2023, अपने आप में एक अत्यंत सफल एवं प्रभावी सत्र रहा है। सत्रारंभ के पूर्व से ही विपक्ष के

घमंडिया गठबंधन का रवैय्या देश के सामने आ चुका था। मणिपुर मेंहुई दुर्भाग्यजनक हिसा के आड़ में संसद की कार्यवाही को बाधित एवं देश की जनता को गुमराह करने का षड़यंत्र रचा गया। परन्तु जैसे-जैसे संसद का सत्र आगे बढ़ा, विपक्ष के घमंडिया गठबंधन का असली चहेरा उजागर हो गया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अनेक विधेयक जनहित में पारित हुए एवं विपक्ष के घमंडिया गठबंधन का भ्रामक दुष्प्रचार विफल हुआ है।

विपक्ष के घमंडिया गठबंधन द्वारा लगातार किए जा रहे व्यवधानों और हंगामे के बावजूद, मोदी सरकार ने आम नागरिकों के जीवन को और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने हेतु महत्वपूर्ण विधायी सुधार पारित किए हैं। यह न केवल आम जनता के हित में काम करने के मोदी सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, बल्कि विपक्ष के घमंडिया गठबंधन द्वारा

खेली जा रही संवेदनहीन और संकीर्ण सोच वाली राजनीति को भी उजागर करता है। सत्र के दौरान बाधाएं पैदा करने की

तथा देश की जनता को गुमराह करने के विपक्ष के घमंडिया गठबंधन के विफल प्रयासों के बाद भी मोदी सरकार

ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत को अमृतकाल में ले जाने की दिशा में अपने

कदमों को मजबूती से आगे बढ़ाया है।

सत्र में लोकसभा और राज्यसभा के साथ 25 सरकारी विधेयक प्रस्तुत किए गए। 23 विधेयक दोनों सदनों में पारित

हुए, जबकि 07 विधेयक 11 अगस्त 2023 तक भारत के राजपत्र में अधिसूचित किए गए हैं।

सरकार ने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों को निरस्त करने और अमृतकाल के अनुरूप सुधार लाने के उद्देश्य से

देश में अपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए तीन विधेयक भी प्रस्तुत किए। तीनों विधेयकों को स्थायी समिति के पास भेजा गया।

1. पारित किये गये प्रमुख विधेयक और उनका महत्व

i. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) कानून, 1991 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 संशोधित करता है। विधेयक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिल्ली एन.सी.टी. में

भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चि करेगा।

ii. डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण (डी.पी.डी.पी.) विधेयक, 2023 डिजिटल व्यक्ति गत डेटा संरक्षण विधेयक, 2023 (डी.पी.डी.पी. बिल), देश में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा को

सुरक्षित और विनियमित करने का प्रयास करता है। विधेयक का उद्देश्य वैध उद्देश्यों के लिए डिजिटल

व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के साथ -साथ ऐसे डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

iii. मध्यस्थता विधेयक, 2023

विधेयक विवादों के लागत प्रभावी निपटान के लिए सामुदायिक, संस्थागत और ऑनलाइन मध्यस्थता को मान्यता देता है और प्रोत्साहित करता है। जिसके परिणामस्वरूप, यह सुनिश्चित होता है कि नागरिकों को सरलता के साथ बेहतर एवं त्वरित न्याय मिले।

iv. अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक, 2023

विधेयक का उद्देश्य एक आत्मनिर्भर परिस्थिति की तंत्र का निर्माण करना है जो निजी क्षेत्र के वित्तीय संसाधनों का

दोहन करते हुए देश के भीतर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देता है। सरकार भारत में अनुसंधान और विकास को

बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के बड़े योगदान के साथ ₹50,000 करोड़ का फंड भी स्थापित

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