आरएसएस की छत्रछाया में ग्रीन बेल्ट हुई बदहाल !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 15 जनवरी। गुरुग्राम में ग्रीन बेल्ट में हरे भरे पेड़ पौधों की जगह गंदगी व गोबर के ढेर व उपलों के ढेर की ये तीन फोटो यहां के विकास की पोल खोलती हैं! सेक्टर 12 स्थित आरएसएस कार्यालय माधव भवन व विवेकानंद आरोग्य केंद्र के पास मुख्य सडक़ जो गुडग़ावं गावं को जाती है यह ग्रीन बेल्ट इस मुख्य सडक़ पर है! गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला जब इस ग्रीन बेल्ट से थोड़ी दूरी पर सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए भूमि पूजन के कार्यक्रम में थे ये तीनों फोटो इस ग्रीन बेल्ट की उसी वक्त ली गई है! ये तीनों फोटो इस बात का प्रमाण है कि आरएसएस कार्यालय के बिलकुल नजदीक की ग्रीन बेल्ट में लोगों ने कब्जा कर के गाय भैंसों का गोबर डाल रखा है व इस ग्रीन बेल्ट में गोबर के उपले बनाये जाते हैं व साथ में ही यहां आस पास के इलाके का कूड़ा कर्कट व गंदगी इस ग्रीन बेल्ट में डाले जाने के कारण गंदगी के ढेर लगे हुए हैं!

स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोलती ये तीनों फोटो गुरुग्राम के विकास की असलियत का खुलासा कर रही हैं! मोदी और खट्टर की टीम के जो अंधभक्त लोग वट्सएप व सोशल मीडिया पर हिंदू मुस्लिम के नाम पर सारा दिन बेहूदी बकवास लिखकर लोगों को भेजते रहते हैं वे लोग जरूर इन तीनों फोटो को देखें व इस खबर को पढ़ कर इस बात का जरूर मंथन करें कि यह ग्रीन बेल्ट आरएसएस कार्यालय की नाक के नीचे है और इतनी भारी गंदगी आरएसएस कार्यालय व विवेकानंद आरोग्य केंद्र की नाक के नीचे कई सालों से हो और इस गंदगी की सुगंध विवेकानंद आरोग्य केंद्र में आने वाले मरीजों की सेहत पर कितना खतरनाक असर डाल रही है! मोदी व खट्टर के अंधभक्त इस बात का भी मंथन करें कि इस सेक्टर 12 में रहने वाले लोगों के दिल और दिमाग पर इस ग्रीन बेल्ट में फैली गंदगी से कितना खतरनाक असर पड़ेगा!

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम में अधिकारियों की एक बैठक के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि जो व्यक्ति एक साल बाद गुरुग्राम आएगा उसे महसूस होगा कि वह महानगर नहीं बल्कि किसी अंतर्राष्ट्रीय शहर में आ गया! मुख्यमंत्री खट्टर के इस दावे के बारे में जब गुरुग्राम की जनता से बात की गई तो बात निकल कर आई कि खट्टर तो इस शहर की एक गली का कूड़ा भी सही ढंग से साफ नहीं करवा पाया तो फिर एक साल बाद यह शहर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कैसे बन जायेगा? जिस शहर की कूड़े कर्कट की दुर्दशा पर सभी राष्ट्रीय हिंदी व अंग्रेजी अख़बार सैंकड़ों खबरें प्रकाशित कर चुके हों और इस सबके बावजूद इस शहर की ग्रीन बेल्टों में पेड़ पौधों की जगह गंदगी के ढेर हों तो यह बात बखूबी समझी जा सकती है कि मुख्यमंत्री गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था की दुर्दशा के विषय में गंभीर नहीं है!

सेक्टर 12 में रहने वाले कुछ लोगों से बात हुई तो उन्होंने आरएसएस कार्यालय के पास लगती इस ग्रीन बेल्ट में कूड़े कर्कट के ढेर व गोबर के उपलों के ढेर पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि आरएसएस व भाजपा के नेता केवल कोरे भाषण देते हैं! जमीनी स्तर पर उतर कर आरएसएस व भाजपा के कार्यकर्ताओं ने यदि गुरुग्राम में विकास के बारे में कार्य किया होता तो आज गुरुग्राम की जनता को कूड़े कर्कट के प्रबंधन की दुर्दशा के कारण पैदा हुई इस गंभीर समस्या का सामना ना करना पड़ता!

अब सवाल उठता है कि सेक्टर 12 की इस ग्रीन बेल्ट की बदहाल स्थिति पर आरएसएस व भाजपा के अधिकारीयों ने अपनी आँखें क्यों बंद रखी! आरएसएस व भाजपा के कार्यकर्ता तो कर्मठता व मेहनत के अपने गीत गाने से कभी नहीं थकते तो फिर आरएसएस कार्यालय की नाक के नीचे स्थित इस ग्रीन बेल्ट का सुधार भाजपा व आरएसएस के कार्यकर्ता क्यों नहीं कर पाये? यह एक गंभीर सवाल है! दूसरी तरफ एक गंभीर सवाल और यह भी है कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री खट्टर स्वच्छ भारत मिशन के अभियान पर सैंकड़ों करोड़ रूपये प्रचार के रूप में खर्च चुके हैं और स्वच्छ भारत मिशन की पोल तो गुरुग्राम में आरएसएस कार्यालय के पास ग्रीन बेल्ट की जबरदस्त बदहाली की हालात से खुल रही है और यह पूर्णतया साबित हो रहा है कि मुख्यमंत्री खट्टर के राज में गुरुग्राम शहर सब से ज्यादा कूड़े कर्कट व गंदगी का शहर बन गया है!

गुरुग्राम की जनता का कहना है कि भाजपा व आरएसएस के नेता जिस दिन पूर्ण रूप से हिंदू मुस्लिम के विषय पर सारा दिन राग अलापना बंद कर देंगे व साथ में ही जिस दिन दंगे फ़साद करवाने की गंदी राजनीति से हमेशा के लिए दूर हो जायेंगे तो उसी दिन स्वच्छ भारत मिशन सही ढंग से कामयाब हो पायेगा क्यों कि सफाई कर्मचारियों के प्रति अभी तक इन नेताओं के दिल और दिमाग में दुर्भावना भरी हुई है और आरएसएस अपने आप को सुपर शक्तिवान समझने लगा है! यही इन के पतन का कारण होगा!

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