डिजिटल प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान को दर्शाया गया

  • प्रदेश की अभूतपूर्व विकास की गाथा भी पेश की गई है

सूरजकुंड (फरीदाबाद) : देश के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा प्रदेश की भूमिका और इस संग्राम से जुड़े स्थलों को आजादी का अमृत महोत्सव की श्रृंखला में 35वें सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला में प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों के सम्मुख पेश किया गया है, ताकि उन्हें प्रदेश के इन ऐतिहासिक स्थलों एवं प्रदेश के योगदान की याद ताजा रहे। हरियाणा गठन से अब तक प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए अभूतपूर्व विकास की झलक भी सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा अभिलेखाकार विभाग के माध्यम से लगाई गई डिजिटल प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है।

सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डा. अमित अग्रवाल के निर्देशानुसार शिल्प मेला में आने वाले लाखों पर्यटकों को देश के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा प्रदेश के योगदान तथा प्रदेश की उन्नति से रूबरू करवाने के लिए डिजिटल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में देश के लिए सर्वोच्च कुर्बानी देने वाले वीरों की जीवनी से प्रेरणा देना है, ताकि उनमें देशभक्ति व देशप्रेम की भावना प्रबल हो सके।

देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रदेश सरकार ने राज्य के हर जिला में इस डिजिटल प्रदर्शनी के आयोजन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया तथा इस प्रदर्शनी का आयोजन प्रदेश के सभी जिलों में किया जा चुका है। इस प्रदर्शनी में लोगों ने रूचि पूर्वक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रदेश के स्थलों, घटनाओं का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से नेताजी सुभाषचंद्र बोस का हरियाणा के हिसार में दौरा, जलियावाला बाग की याद ताजा करने वाला जिला भिवानी के गांव रोहनात का कुआं, बरगद का पेड़ व तालाब के अलावा नमक कानून का तोडऩा, झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खाँ, राजा नाहर सिंह आदि से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को अभिलेखों व तस्वीरों की जुबानी दर्शाया गया है।

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