श्री संकट मोचन हनुमान मंडल ‘कैली धाम ‘में अमावस्या के दिन गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ यज्ञ किया गया

फरीदाबाद : श्री संकट मोचन हनुमान मंडल ‘कैली धाम ‘में परंपराओं के अनुसार मंगलवार अमावस्या के दिन गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ मंदिर में यज्ञ पंडित राम शर्मा, पंडित लक्ष्मी नारायण व बृज बिहारी त्रिवेदी ने संपन्न करवाया। आइए जानते हैं, यज्ञ के बारे में लोगों के विचार :-
अरुण बजाज (प्रसिद्ध उद्योगपति व समाजसेवी)

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान द्वारा किये गये एक शोध में पाया गया है कि पूजा-पाठ और हवन के दौरान उत्पन्न औषधीय धुआं हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट कर वातावरण को शुद्ध करता है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
पवन वशिष्ठ (समाजसेवी व मंदिर के प्रधान)

इसके लिए घर के सदस्यों को स्वयं पुरोहित बनकर यज्ञ पूजन को सफल बनाया जा सकता है। इसके लिए सामान्य चीजें जो हर घर में उपलब्ध होती है उनका उपयोग कर सकते हैं। यज्ञ कुंड, पीला चावल, नारियल, सुपारी, तगाड़ी, खप्पर, थाली की व्यवस्था करने के पश्चात मंत्रोच्चार के साथ पूजन प्रक्रिया संपन्न करते हुए देवपूजन कर अग्नि प्रज्जवलित करें। 24 बार गायत्री मंत्र, 11 बार महामृत्युंजय मंत्र व पांच बार सूर्य गायत्री मंत्र से आहुति यज्ञ भगवान को समर्पित करें, घर में बनाई गई हवन सामग्री धूप, चावल, घी, गुड़, कपूर, काली मिर्च, गोबर के कंडे, तुलसी पौधे के डंठल को कूटकर घर में भी बना सकते हैं या बाजार में भी हवन सामग्री उपलब्ध होती है, इनके जरिए आहुति दें।
मनमोहन शर्मा (समाजसेवी व फैब्रिक एक्सपर्ट)

यज्ञ ऐसी विद्या है जिससे हम उन्नति प्राप्त करते हैं। घर-घर में यज्ञ होगा तो लोग रोगों से बचे रहेंगे। यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है। यज्ञ को विष्णु कहा गया है। विष्णु सृष्टि का पालन करने वाले हैं। वास्तव में यज्ञ से प्राणवायु का निर्माण होता हैं। ऑक्सीजन का स्तर सही बना रहता है। यज्ञ के पास बैठकर जब हम आहुति देते हैं तो हमें ऑक्सीजन की प्राप्ति होती उन्होंने बताया कि हमें पूरे विश्व में यज्ञ करने होंगे और इनका प्रचार-प्रसार करना होगा।
प्रफुल्ल शर्मा (व्यवसाई व धर्मप्रेमी)

लकड़ी और औषधीय जडी़ बूटियां जिनको आम भाषा में हवन सामग्री कहा जाता है, को साथ मिलाकर जलाने से वातावरण में जहां शुद्धता आ जाती है, वहीं हानिकारक जीवाणु 94 प्रतिशत तक नष्ट हो जातें हैं।
मंदिर के व्यवस्थापक बृज बिहारी ने बताया दर्जनों लोगों ने ऑनलाइन दर्शन प्राप्त करके मंदिर के सदस्यों को साधुवाद दिया जिसमें मुख्य रुप से वी. एस. चौधरी, योगेश तिवारी, मुकेश वर्मा, मधुसूदन माटोलिया, उर्मिला तिवारी, विद्यानंद यादव, सोम डागा, नवीन सैनी आदि लोग शामिल रहे।



