कथा के चौथे दिन कथा व्यास महंत ने बताया प्रातः काल उठ कर कैसे दिनचर्या शुरू करनी चाहिए

फरीदाबाद : महाराजा अग्रसेन विवाह समिति द्वारा महाराजा अग्रेसन भवन सैक्टर-19 के विशाल प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास महंत श्री राधेश्याम व्यास जी महाराज ने कथा श्रवण करने आए श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में सद्गुरू क्यों व कैसे हो, शिष्य धर्म कर्म क्या है, शिवलिंग कितने प्रकार के होते हैं और इनकी कैसे पूजन करना चाहिए गुरु शिवलिंग का पूजन कैसे करना चाहिए और क्यों जरुरी है, गृहस्थ में ग्रह मंदिर कहां कैसे स्थापित करें। नवग्रह की उत्पत्ति कैसे हुई, शंकर जी की जटा में चंद्रमा कैसे आए, राहु केतु कैसे आए, इनसे बचने का तरीका क्या है, प्रातः काल उठ कर कैसे दिनचर्या शुरू करनी चाहिए, कम समय में नित्य पूर्ण फलदाई देव पूजन विधि क्या है, संतान सुख, सम्पत्ति, शांति, धन, यश, व्यापार वृद्धि, नौकरी प्राप्ति, विद्याध्यान, ग्रहदोष, ऊपरी नजर, टोना-टोटका, भूत-प्रेम, बाधा क्लेश, शत्रुभय, मुकदमें एवं दुर्घटना आदि की मुक्ति हेतू सरल, सूक्ष्म, सटीक एवं सही उपाय के बारे में विस्तार से बताया।
महाराजा अग्रेसन विवाह सेवा समिति के प्रधान ब्रह्म प्रकाश गोयल ने बताया कि रोजाना कथा श्रवण करने के लिए फरीदाबाद के अलावा बल्लभगढ़, पलवल, दिल्ली, तिगांव, भिवाड़ी, गुडग़ांव से श्रद्धालु आ रहे है। जिनमें महिला एवं पुरूष शामिल है।
कथा में मुख्य यजमान के रूप में महाराजा अग्रेसन विवाह सेवा समिति के प्रधान ब्रह्म प्रकाश गोयल, संरक्षक अनिल गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोहरलाल सिंघल, उपाध्यक्ष इन्द्रपाल गर्ग, आशा रानी, रजत गोयल, घनश्याम जूता सेवा, सरदार देवेन्द्र, यशपाल गर्ग पुन्हाना, लच्छीराम शर्मा पूर्व मैनेजर, टीसी कंसल रिटायर्ड चीफ इंजीनियर बिजली बोर्ड, राजकुमार गुप्ता दिल्ली, सुभाष गुप्ता दिल्ली, शिव शंकर भारद्वाज, बी.एम. जिन्दल, सुरेंद्र शर्मा बबली सहित अन्य लोग मौजूद थे।



