कौन है हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, जिसे पकडऩे गए 8 पुलिसकर्मियों ने गंवाई अपनी जान !

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में देर रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। घटना के बाद पुलिस ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है। ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है। गांव में आरएएफ तैनात कर दी गई है।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है।

वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। कोई गवाह न मिलने के कारण केस से बरी हो गया।

एसटीएफ ने कानपुर में वर्ष 2001 में भाजपा के तत्कालीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की थाने के अंदर सनसनीखेज हत्या करने के आरोपी विकास दुबे को 2017 में लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में विकास ने बताया था कि वर्ष 1996 में कानुपर की चौबेपुर विधानसभा क्षेत्र से हरिकृष्ण श्रीवास्तव व संतोष शुक्ला चुनाव लड़े थे।

इस चुनाव में हरिकृष्ण श्रीवास्तव विजयी घोषित हुए थे। विजय जुलूस निकाले जाने के दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच गंभीर विवाद हो गया था। जिसमें विकास दुबे का नाम भी आया था और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। यहीं से विकास की भाजपा नेता संतोष शुक्ला से रंजिश हो गई थी। इसी रंजिश के चलते 11 नवंबर 2001 को विकास ने कानपुर के थाना शिवली के अंदर संतोष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। गोलीबारी में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव शहीद हो गए। उनके साथ करीब आठ पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। जबकि एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को गोली भी लगी है। जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2001 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।

कानपुर में हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर हत्याकांड में दो दिन पहले भेजे गए गुमनाम पत्रों में जिस सिपाही की ओर इशारा किया गया है, वह वर्तमान में उन्नाव में तैनात है। सिपाही करोड़पति है। उसके पास अकूत संपत्ति है।

पूर्वांचल के एक माफिया से गठजोड़ भी है। दो दिन पहले मीडिया संस्थानों में भेजे गए गुमनाम पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। इसमें लिखा है कि पिंटू सेंगर के साथ काम करने वाले पूर्वांचल के सिपाही मिश्रा को पिंटू को साढ़े छह करोड़ रुपये देने थे।

एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि हत्या में सिपाही की भूमिका है या नहीं, इसकी जांच सीओ कैंट आरके चतुर्वेदी को दी गई है। चकेरी इंस्पेक्टर आरके गुप्ता भी जांच करेंगे।

प्रॉपर्टी के काम में करोड़ों लगाए, करोड़ों हड़पे
सिपाही के एक करीबी ने बताया कि मिश्रा पिंटू के साथ काम करने लगा था। उसने प्रापर्टी में करोड़ों रुपये लगाए। बहुत से लोगों का करोड़ों रुपया हड़प भी लिया। जो विरोध करता था, उसे फंसाने की धमकी देता था। प्रापर्टी के संबंध में ही साढ़े छह करोड़ रुपये सिपाही को पिंटू को देने थे। वह यह रकम देना नहीं चाहता था। इसीलिए हत्या के मामले में शक की सुई सिपाही की तरफ भी घूम गई है। सिपाही के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी जांच चल रही है।

हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली
हत्या में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। जितने विवाद पुलिस उतने बिंदुओं पर उलझी है। अभी तक शूटरों का भी नहीं पता चल सका। शूटर पकड़ में आ जाएं तो हत्याकांड का खुलासा हो सकता है। वहीं पुलिस शुक्लागंज के शातिर अपराधी को तलाश कर रही है। शुक्लागंज में हुए शुभम मणि हत्याकांड से भी तार जोडक़र तफ्तीश कर रही है।

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