मैनुफक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद ने डेवलपमेंट एनवीरोएनर्जी सर्विस लिमिटेड (DESL) के साथ किया सभा का आयोजन

फरीदाबाद : मैनुफक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद ने डेवलपमेंट एनवीरोएनर्जी सर्विस लिमिटेड (DESL) के साथ अरावली गोल्फ कोर्स में मीटिंग का आयोजन किया। रमणीक प्रभाकर महासचिव एमएऍफ़ ने आये हुए सभी मेंबर्स का स्वागत किया व मंच अधिकारियों से मंच पर आने का आग्रह किया।
सभा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने DESL से आये हुए एस एस हंसपाल, सीनियर कंसलटेंट, दीपांजन रॉय, सीनियर एसोसिएट कंसलटेंट, विनय भरद्वाज, फिच फ्यूल कैटेलिस्ट से आये सार्थक व एमएऍफ़ के पैनल मेंबर्स CA राम अक्षय, Adv. सुनील मंगला, Adv. सीमा संधु, Adv. नरेंदर कांग, Adv. प्रिटी जैन, Adv. प्रह्लाद शर्मा, Adv. प्रमोद चोपड़ा, Adv. राज हंस शर्मा, सचिन, मोटिवेशनल स्पीकर का फूलों का गुच्छा देकर स्वागत किया।

एसोसिएशन के महासचिव रमणीक प्रभाकर ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ट्रेड लाइसेंस को समाप्त करने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उद्योगों की एक बड़ी समस्या का समाधान हुआ है। उन्होंने बताया कि एमएएफ पिछले कई वर्षों से ट्रेड लाइसेंस को खत्म करने की मांग को उठाती रही है और यह हर्ष का विषय है कि मुख्यमंत्री ने इस मांग के अनुरूप ट्रेड लाइसेंस को समाप्त करने की घोषणा की है।
श्री प्रभाकर ने इसके लिए विधायिका सीमा त्रिखा, कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक राजेश नागर व मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की भी मुक्त कंठ से सराहना की।
ऊर्जा संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज ऊर्जा संरक्षण के लिए विशेष कदम समय की मांग है और इसी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन किया गया।
श्री प्रभाकर ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए इसके लिए कोषाध्यक्ष ऋषि त्यागी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।
उन्होंने बताया सुखदेव सिंह प्रधान, एमएऍफ़ के कार्यकाल में एसोसिएशन बहुत अच्छी चल रही है व् नए नए मेंबर हमारे इस कारवां में जुड़ रहे है जो की बहुत ही सराहनीय है। पिछले एक महीने में हमने 10 नए मेंबर बनाये है!
उन्होंने कहा पिछले विगत कई वर्षो से हम DESL से जुड़े हुए है और हमने बहुत अच्छे बड़े बड़े प्रोग्राम भी किये है और आगे भी करेंगे।
डीएसईएल के वरिष्ठ कंसलटेंट स. एस एस हंसपाल ने कहा है कि हमें अपने घरों व औद्योगिक संस्थानों में ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। यहां मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद द्वारा आयोजित एक विशेष बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए स. हंसपाल ने कहा कि कई बार देखा गया है कि छोटे-छोटे कारणों से ऊर्जा की खपत बढ़ती है। उन्होंने कहा कि कंप्रेशर से लेकर घरों की लाइटों व छोटी मशीनों से लेकर फर्नस तथा फोरजिंग के लिए उपयोग होने वाले साधनों में ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है, जिसे थोड़ी सी सावधानी के साथ संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण के लिए कई योजनाएं आरंभ की गई हैं, जिसका लाभ उद्योगों का उठाना चाहिए।
इससे पूर्व एसोसिएशन के प्रधान स. सुखदेव सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यूनिडो के साथ मिलकर ऊर्जा संरक्षण तथा प्रदूषण रहित वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनर्जी वेस्ट पर कंट्रोल वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग है, क्योंकि इससे जहां ऊर्जा की खपत तो कम होती ही है, वहीं हमारी आय पर भी साकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि यूनिडो व बीईई मिलकर ऊर्जा संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं और इस संबंध में जो भी उद्योग इस प्रक्रिया का हिस्सा बनता है उसे बाकायदा सर्टिफिकेट इश्यू किए जाते हैं जो आगे चलकर कई जगह काम आते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए स. सुखदेव सिंह ने कहा कि श्री मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने यूरोप जाकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपना रुझान दिखाया।
एनसीआर क्षेत्र में जनरेटर सेट को बंद कराने के आदेशों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स. सुखदेव सिंह ने कहा कि 1 अक्टूबर से जनरेटर सेट नहीं चलेंगे, परंतु इससे पूर्व बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए कदम उठाए जाने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग भी जरनेटर चलाकर बिजली नहीं लेना चाहते क्योंकि यह काफी महंगी पड़ती है और यह विभाग की जिम्मेदारी है कि वह नियमित आपूर्ति करे, परंतु जब तक ऐसा नहीं होता तब तक कंटिन्यूड प्रोसेस वाले यूनिटों में जरनेटर उपयोग की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए आह्वान किया कि वह पैनल विशेषज्ञ का लाभ अवश्य उठाएं।
इस अवसर पर जीएसटी पैनल के राम अक्षय ने सम्मन व जीएसटी से संबंधित विभिन्न गाइडलाइन की जानकारी दी जबकि आयकर पैनल के विशेषज्ञ सुनील मंगला ने बताया कि अब 10000 से ऊपर के खर्चे को नगद नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही फ्रेंडली लोन व जीएसटी वा पैन कार्ड से संबंधित विभिन्न जानकारियां भी दी गई।
डीईएसएल के विशेषज्ञ दीपांजन रॉय ने सरकार द्वारा जारी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसएमई क्षेत्र में उत्पादन की कुल लागत में एनर्जी की भागीदारी 30 से 35% है, जिसे जागरूकता के साथ 5 से 25 तक बचाया जा सकता है।
उन्होंने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद कलस्टर में 20 उद्योगों को शामिल करने की योजना तैयार की गई है, जिसमें से कई उद्योगों में टीमवर्क के साथ कार्य किया जा रहा है। पैनल विशेषज्ञ सीमा संधू व प्रीति सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने उपस्थितजनों को नए संशोधनों के संबंध में बताया।
धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरेश वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा एसोसिएशन को उन्नति करते देख बहुत अच्छा लगता है। स. सुखदेव सिंह व रमणीक के नेतृत्व में कार्यप्रणली बहुत ही सहरानीय है। उन्होंने कहा कि स्थितियां बदल रही हैं और नए कानूनों के साथ उद्यमियों के समक्ष चुनौतियां बढ़ रही हैं ऐसे में हमें भी परिवर्तनशील प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा।
इस अवसर पर सुशील सेठी, सी एल जैन, रवि मित्तल, प्रवीण कुमार, जगदीश शर्मा, एम सी मलिक, मोहिंदर पाल, प्रभुदयाल, अनिल वोहरा, एम एम शर्मा, प्रदीप सेठी, संदीप गोयल, सुनील सचदेवा, तेजिष प्रभाकर, रीना, पी एल जुनेजा, पुष्पेंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में एसोसिएशन के सदस्यों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सदस्यगण निर्धारित समय के अनुसार मीटिंग आयोजन की सराहना करते देखे गए।



