यूनिवर्सल अस्पताल तथा यूनिवर्सल केयर ट्रेंनिंग सेंटर में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा

फरीदाबाद, 15 फरवरी। एक ओर जहां 34वां सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला अपने समापन की ओर अग्रसर वहीं दूसरी ओर मेले में आपातकालीन स्थिति के बारे छात्रों व आम दर्शकों में जागरूकता पैदा करने के लिए तथा जीवन रक्षक बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) प्रशिक्षण के लिए यूनिवर्सल अस्पताल तथा यूनिवर्सल केयर के माध्यम से ट्रेनिंग नियमित रूप से प्रात: 9 से सायं 8 बजे तक में सिखाई जा रही है। मेले के अंतिम शनिवार को भी ट्रेंनिंग सेंटर में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। इस दौरान हजारों लोगों को डॉक्टरों की कुशल टीम द्वारा मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अब तक यहां 50 हजार से ज्यादा लोगों को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस मौके पर अस्पताल के प्रबंध निदेशक डा. शैलेश जैन ने कहा कि मरीजों को निकटतम अस्पताल ले जाने से पहले आपातकाल समय किया गया इलाज मरीज की जान बचाने में काफी मददगार साबित होता है। अस्पताल ने यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के हिस्से के रूप मे आयोजित किया। इस तकनीक को लोग अगर सीख लें तो 60 फीसद मरीजों की जान बचाई जा सकती है। यह तकनीक यूनिवर्सल अस्पताल में भी सिखाई जाती है। यूनिवर्सल हॉस्पिटल इसका सर्टिफिकेट भी उपलब्ध करता है। ट्रैंनिंग में पुलिस तथा अफसरों को बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग देने की बीड़ा उठाया गया। पहले से ही पुलिस और अग्निशमन कर्मियों को बलएलएस में प्रशिक्षित किया गया।
डॉ. शैलेश जैन ने कहा की अगर मरीज की साँस कम आ रही हो तो किस तरीके से मरीज को कृत्रिम साँस दी जा सकती है। अगर मरीज बेहोश है तो उसको इस तरीके से इस अवस्था के दौरान मरीज की सहायता की जा सकती है। इस तकनीक को आसानी से सीखा जा सकता है। अगर आपदा के वक्त इस तकनीक की सहायता ले तो मरीज को नया जीवन दान दिया जा सकता है यह ट्रैंनिंग हर घंटे मे आयोजित की जा रही है। डॉ. शैलेश जैन के अनुसार एक चरण मे 25-30 लोगों को ट्रैंनिंग दी गई। जब आप किसी व्यक्ति को अचानक आपात स्थिति में मिलते हैं, तो आपको पीडि़त को जागने करने का प्रयास करना चाहिए। यदि पीडि़त साँस नहीं ले रहा है, तो तत्काल एम्बुलेंस कॉल (पैन इंडिया के लिए) 8800128128 से संपर्क करें। यूनिवर्सल केयर एम्बुलेंस द्वारा हिंदुस्तान मे कहीं भी कभी भी एम्बुलेंस फोन कर मंगाई जा सकती है। इस दौरान डॉ. रीति अग्रवाल, डॉ. गजेंद्र और डॉ. मनीष भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।



