वाह रे नगर निगम गुरुग्राम तेरे रंग निराले

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 13 दिसंबर। गुरुग्राम नगर निगम के कारनामों की चर्चाएं इस वक्त जोरों पर चल रही है! वाकई में गुरुग्राम नगर निगम को भ्रष्टाचार में अव्वल दर्जे का सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए क्यों कि प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त करने वाले शहर की हालात फकीरों से भी बदतर है और उसके लिए गुरुग्राम का नगर निगम पूरी तरह से जिम्मेवार है! गुरुग्राम शहर में पीने का पानी पूरी तरह से दूषित है और गंदे पानी की समुचित निकासी नहीं है! पुराने शहर के लगभग सभी मौहल्लों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या हमेशा ही बनी रहती है जिस कारण सीवर का गंदा पानी गलियों में बहता रहता है! जैकबपुरा की कृष्ण मंदिर वाली गली में नटराज स्टूडियो के पास सीवर ओवरफ्लो कई दिन से हो रहा है! इस गली में हमेशा ही गंदगी फैली रहती है! यहां के पार्षद ने इस गली को लावारिसों की तरह समझ रखा है! सीवरेज पाईप पुराने समय के है व लगभग आठ इंच के है और सही सीवरेज व्यवस्था के लिए पाईप कम से कम बारह इंच के डाया के चाहिए तो सीवर ओवरफ्लो नहीं होंगे! पुराने सीवर पाईप बदलने की सख्त जरूरत है! इन गलियों में कुछ लोगों ने अपनी मर्जी से सीवर पाईप अपने अलग डाल रखे हैं और निगम वाले सीवर पाईप बंद कर रखे हैं!
इस बात की भी जांच की जाये! गुरुग्राम शहर के हर सेक्टर व पुराने शहर की सफाई व्यवस्था पूर्णतया बदहाल है! गलियों व कुछ सडक़ों की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं! गुरुग्राम की बहुत सी कालोनियों में सडक़ों का बुरा हाल है व उनमें जबरदस्त खड्डे पड़े हुए है जिस वजह से दुर्घटनाएं होती रहती हैं! बाजारों व सडक़ों पर अतिक्रमण जबरदस्त है! गुरुग्राम शहर की पेयजल पाईप लाइनें खस्ताहालत में है व बदलने लायक है! बिजली के खंबों व तारों की स्थिति कई जगह बड़ी खतरनाक है! आये दिन किसी न किसी काम के लिए शहर की सडक़ों पर खुदाई चलती रहती है जिस वजह से सडक़ों पर बड़े भारी खड्डे हो जाते हैं और उन खड्डों की मुरम्मत कई कई सालों तक नहीं की जाती! कुछ सेक्टरों में पानी की सप्लाई बहुत कम आती है!
अब सवाल यह उठता है कि गुरुग्राम नगर निगम की कुर्सियों पर बैठे सभी पार्षद क्या गहरी नींद में सोये हुए है जो कि इन समस्याओं पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रहे! आये दिन नगर निगम गुरुग्राम के अजीबोगरीब घोटालों की खबरें समाचार पत्रों व न्यूज पोर्टलों में छपती रहती है परंतु पार्षदों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही! अब तो गुरुग्राम की जनता को लगने लगा है कि वाकई में ही गुरुग्राम नगर निगम के रंग निराले हैं क्यों कि थोड़ी सी बारिश आने पर ही गुरुग्राम की पानी निकासी की व्यवस्था पूर्णतया फेल हो जाती है! खबर लिखते वक्त भी आज गुरुग्राम में जबरदस्त बारिश हुई है और इस बारिश पर कुछ लिखने का मन किया तो कुछ लोग मिले तो उन्होंने कहा कि प्रदूषण की गर्मी गर्मी तो बरसात हुई! बरसात के समय कुछ शायराना अंदाज में गुरुग्राम की हालात पर इस प्रकार लिखने का मन बना कि मिलती है शहर में गंदगी गली गली! मिलती है सडक़ें टूटी हुई गली गली! पेयजल का मिजाज क्या बतायें दिल में चुभन है घड़ी घड़ी! सीवर की गंदगी है गली गली! अब पार्षदों के बारे में लिखा गया कि जीतने के बाद पार्षद अपने वार्डों में नहीं आये! पंक्तियाँ इस प्रकार है कि मतलब निकल गया तो मतदाताओं को पहचानते नहीं! गली से निकल कर यूँ ही जा रहे हो जानते नहीं! मतदाताओं की समस्या का समाधान करते नहीं! कूड़े कर्कट और गंदगी का आलम देखने कभी आते नहीं! मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं! गुरुग्राम नगर निगम का यह है रंग निराला!



