अमेरिका में पढ़ रही छात्रा सुदीक्षा की ग्रेटर नोएडा में मौत !

नोएडा ! ग्रेटर नोएडा के दादरी के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव डेरीस्कनर की होनहार छात्रा की बुलंदशहर के औरंगाबाद के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सुदीक्षा भाटी (19) अपने भाई के साथ बाइक पर जा रही थी और कुछ शोहदों ने बाइक से उनके आगे-पीछे घूम-घूमकर सुदीक्षा से छेड़छाड़ शुरू कर दी। बहन को बचाने के चक्कर में भाई ने बाइक आगे बढ़ाई तो सामने से आती एक बुलेट से टकरा गया, जिसके बाद सुदीक्षा और उसका भाई दोनों नीचे जा गिरे। सुदीक्षा का सिर सीधे सड़क पर जा लगा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया है कि सुदीक्षा ने हेलमेट नहीं लगाया था, जबकि उनके भाई ने हेलमेट लगा रखा था। लोगों का कहना है कि सुदीक्षा ने हेलमेट लगाया होता तो उनकी जान बच सकती थी। वहीं, हादसे के तुरंत बाद टक्कर मारने वाला मौके से फरार हो गया।
उधर, बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है। छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सुदीक्षा अमेरिका में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। वहां की सरकार ने छात्रा को 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी थी। सुदीक्षा सोमवार को भाई के साथ बाइक से औरंगाबाद स्थित माधवगढ़ गांव में रिश्तेदारी में गई थी। सुदीक्षा ने बुलंदशहर के विद्या ज्ञान स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इंटर में 98 फीसदी अंक हासिल किए थे।
3.80 करोड़ की स्कॉलरशिप मिली थी : स्कूल में उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए फॉर्म भरवाए गए थे। छात्रा का अमेरिका के नामी बोस्टन यूनिवर्सिटी में बीबीए के लिए चयन हो गया था। सुदीक्षा ने अमेरिकी सरकार से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। उन्हें 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। सामान्य परिवार की छात्रा ने स्कॉलरशिप हासिल कर परिवार, क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया था। वह जुलाई, 2018 में अमेरिका गई थी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनका सम्मान भी किया था।
16 को लौटना था अमेरिका : कोरोना वायरस के कारण सुदीक्षा 14 मार्च को अमेरिका से भारत आ गई थीं। तब से अपने घर पर ही थीं। 16 अगस्त को उन्हें वापस अमेरिका जाना था। सुदीक्षा के पिता की चाय की दुकान थी। फिलहाल परचून की दुकान है। वही परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। सुदीक्षा की तीन बहन और दो भाई हैं। वह सबसे बड़ी थी। सभी को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर की जिम्मेदारी संभालेंगी। तीन साल की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुदीक्षा की मौत ने परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया।



