ऑक्सफोर्ड विधि एवं आई.आई सी विधि महाविद्यालय में “संविधान दिवस” कार्यक्रम आयोजित

इंदौर : इंदौर के प्रतिष्ठित इंदौर इंटरनैशनल कॉलेज एवं ऑक्सफोर्ड इंटरनैशनल कालेज में “संविधान दिवस समारोह” आयोजित किया गया जिसमें गणमान्य मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट मनोज द्विवेदी (पूर्व-अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं वर्तमान सलाहकार- केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो), डॉ. अजिंक्य डगाओंकर (अधिवक्ता- उच्चतम न्यायालय), श्रीमती सीमा शर्मा ( वरिष्ठ अधिवक्ता-उच्च न्यायालय, इंदौर बेंच), एडवोकेट कुणाल भँवर (प्रख्यात वक्ता एवं विधि विशेषज्ञ) उपस्थित रहे।
यहां जारी एक विज्ञप्ति में संस्था की निदेशक (मार्केटिंग) एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. नेहा शर्मा चौधरी ने बताया कि दोनों सैंपलों में “नैशनल लॉ डे” मनाया गया जिसमें एडवोकेट मनोज द्विवेदी (पूर्व-अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं वर्तमान सलाहकार- केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो), डॉ. अजिंक्य डगाओंकर (अधिवक्ता- उच्चतम न्यायालय), श्रीमती सीमा शर्मा ( वरिष्ठ अधिवक्ता-उच्च न्यायालय, इंदौर बेंच), एडवोकेट कुणाल भँवर ( प्रख्यात वक्ता एवं विधि विशेषज्ञ) की गरिमामय उपस्थिति रही। डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि संस्था प्रबंधन की ओर से संस्थापक डॉ. अक्षय तिवारी, डॉ, सीमा तिवारी, संस्थाध्यक्ष एडवोकेट अक्षांशु तिवारी एवं समूह निदेशक डॉ. पुनीत द्विवेदी की गरिमामय उपस्थिति रही।

कार्यक्रमों को प्रारंभ दीप प्रज्वलन में समूह निदेशक डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदी के स्वागत भाषण से शुरू हुआ। संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अक्षांशु तिवारी, संस्थापक डॉ. अक्षय तिवारी एवं समूह निदेशक डॉ. पुनीत द्विवेदी ने सभी गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एव स्मृति चिन्ह से स्वागत किया। आभार डॉ. विशाल पुरोहित (ऑक्सफोर्ड) एवं डॉ. अतुल लाडना (इंदौर इंटरनैशनल) ने माना। आई आई सी कॉलेज ऑफ में अपने उद्बोधन में मनोज द्विवेदी ने विद्यार्थियों को गहन अध्ययन कर संविधान के मूल को समझने का आग्रह किया। एडवोकेट मनोज द्विवेदी ने भारतीय संविधान की वास्तविक प्रति विद्यार्थियों को दिखाई एवं उसमें उद्धरित चित्रों का भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता से संबंध को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. अजिंक्य डगाओंकर ने विद्यार्थियों को संविधान में चर्चा की गई मूल अधिकारों एवं कर्तव्यों से अवगत कराया।
ऑक्सफ़ोर्ड कॉलेज ऑफ लॉ में अपने उद्बोधन में वरिष्ठ अधिवक्ता सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों को जागरूक रहने एवं अध्ययन करने की सलाह दी। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कुणाल भँवर ने अपने ओजस्वी भाषण से विद्यार्थियों को भीतर से झकझोर दिया एवं राष्ट्र पुनर्निर्माण हेतु सबके कर्तव्य का बोध कराया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. सीमा तिवारी, डॉ. आराधना माईकल, डॉ. महावीर छाजेड, डॉ. शिवेंद्र द्विवेदी, प्रो० पूर्णिमा, डॉ. पुनीत दुबे, एडवोकेट अनिरूद्ध द्विवेदी, एडवोकेट वर्षा धीमन, एडवोकेट साक्षी गुप्ता, एडवोकेट आकृति जैन, एड. जैस्मिन, आदि उपस्थित रहे।



