डीसीपी सेंट्रल मुकेश कुमार मल्होत्रा ने अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से पूछताछ करके उन्हें अपराधिक वारदातों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी

फरीदाबाद : डीसीपी सेंट्रल मुकेश कुमार मल्होत्रा ने शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने तथा अपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाकर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सेंट्रल जोन के अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से पूछताछ करके उन्हें अपराधिक वारदातों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आदतन अपराधियों पर कंट्रोल रखना अति आवश्यक है। अपराधियों में कानून का भय बना रहे इसलिए उन्हें समय-समय पर पुलिस द्वारा चेकिंग की जाती है। इसका उद्देश्य यह चेक करना होता है कि हिस्ट्रीशीटर एरिया में उपस्थित है या नहीं। वह पुलिस को सूचित किया बिना एरिया से बाहर नहीं जा सकते और यदि वह ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। इसी के तहत आज डीसीपी सेंट्रल मुकेश कुमार मल्होत्रा ने आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे, ज़मानत पर जेल से बाहर आए आपराधिक प्रवृत्ति के 36 व्यक्तियों से पूछताछ की। अपराधिक प्रवृत्ति के यह व्यक्ति सेंट्रल जोन के थानों में हिस्ट्रीशीटर हैं जो हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, लूट, लड़ाई झगड़ा, अपहरण, फिरौती आदि विभिन्न प्रकार के जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। अपराधिक प्रवृत्ति के इन व्यक्तियों पर विभिन्न मुकदमे दर्ज जो माननीय अदालत में विचाराधीन है।
पुलिस उपायुक्त ने अपराधियों द्वारा पूर्व में किए गए अपराधों का प्रायश्चित करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक वारदात में शामिल ना होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आते तो उन्हें सारी उम्र जेल के चक्कर काटने पड़ेंगे और कोर्ट कचहरी का खर्चा होगा सो अलग। उन्होंने कहा कि अपराधी अपराध की दुनिया को छोड़कर किसी अच्छे कार्य में अपनी उर्जा को लगाए जिससे वह अपने परिवार के साथ सुकून की जिंदगी व्यतीत कर सकें। अपराधिक व्यक्ति के प्रकार के व्यक्ति का अंजाम बहुत बुरा होता है। ना जाने कब कौन कहां उन्हें जान से मार दे इसलिए अच्छा होगा कि वह अपराध जगत को छोड़कर एक बेहतर समाज निर्माण में अपना योगदान दें।



