जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में 1976-80 बैच के पूर्व छात्रों का मिलन समारोह आयोजित

पूर्व छात्रों ने बीटेक के प्रत्येक पाठ्यक्रम के टॉपर को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की

फरीदाबाद : जे.सी. बोस विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वाईएमसीए, फरीदाबाद में पूर्ववर्ती वाईएमसीए इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के 1976-80 बैच के पूर्व छात्रों के लिए एलुमनी मीट का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व छात्रों ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए अपने संस्थान के साथ वर्षों पुराने जुड़ाव को पुनः जीवंत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत प्रो. संजीव गोयल, डीन, एलुमनी अफेयर्स ने स्वागत संबोधन दिया तथा कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए 1976-80 बैच के सभी पूर्व छात्रों का विश्वविद्यालय में स्वागत किया। कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार और कुलसचिव प्रो. अजय रँगा भी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने संस्थान के विकास में पूर्व छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति में उसके पूर्व छात्रों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा वाईएमसीए मॉब एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से एलुमनी नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर में नियमित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में शामिल करने की योजना है।

कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्ववर्ती संस्थान के समय की कुछ मशीनों और उपकरणों को आज भी विश्वविद्यालय में संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी आधारभूत संरचना को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा दूसरे कैंपस के विकास की भी योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने तथा इसके विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर 1976-80 बैच के पूर्व छात्रों ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए वर्तमान शैक्षणिक सत्र में नवप्रवेशित विद्यार्थियों में प्रत्येक बीटेक पाठ्यक्रम के टॉपर को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की। यह पहल पूर्व छात्रों द्वारा अपनी मातृ संस्था को योगदान देने तथा विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

कार्यक्रम में 1976-80 बैच के लगभग 40 पूर्व छात्रों ने भाग लिया और अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों एवं अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर सभी पूर्व छात्रों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। बैच के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र श्री कंवल कृष्ण रैना एवं श्री पवन कुमार चंदना ने भी अपने छात्र जीवन की यादों और अनुभवों को साझा किया। उनके संस्मरणों ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं आत्मीय बना दिया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. अजय रँगा भी उपस्थित रहे और उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर एवं अपने-अपने विभागों का भ्रमण भी किया तथा उन स्थानों को पुनः देखा, जो उनके शैक्षणिक जीवन और पुरानी यादों से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में प्रो. मुनीष वशिष्ठ, डीन (इंस्टीट्यूशंस); प्रो. राजेश आहूजा, डीन (फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी); प्रो. प्रदीप डिमरी, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर; तथा प्रो. कोमल कुमार भाटिया, निदेशक (आईक्यूएसी) सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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