दिल्ली के रहने वाले पांच साल के अरिंदम गौड़ ने रिकॉर्ड वक्त में लगाए 100 पंच

दिल्ली : अरिंदम गौड़ का मन भी खेल कूद और मस्ती में लगता है। उन्हे दोस्तों के साथ खेलना, बातें करना और घूमना पसंद है, लेकिन कोरोना महामारी ने उनकी इन आदतों को काफ़ी हद तक बदल दिया। लॉकडाउन की वजह से अरिंदम भी घर में ही क़ैद हो गए और पार्क में निकल कर खेलने कूदने की आज़ादी भी ख़त्म हो गई। उन्होने अपना पांचवा जन्मदिन भी इसी माहौल में, बिना दोस्तों के मनाया। लेकिन इस जन्मदिन ने उनके जीवन को एक नई दिशा दे दी। अरिंदम के पिता अरुण उनके लिए पंचिंग बैग और ग्लब्स लेकर आए। ये गिफ्ट अरिंदम के लिए ख़ास था, लिहाजा उन्होने इस बॉक्सिंग किट के साथ अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी। पिता चाहते थे कि वो घर पर ही खेल के साथ अपनी ऊर्जा का भी इस्तेमाल करें, लेकिन अरिंदम पर तो एक अलग ही धुन सवार थी। एक बार पिता ने अरिंदम को अख़बार में किसी बच्चे के द्वारा सबसे तेज़ 100 मुक्के जडऩे का रिकॉर्ड बनाने की ख़बर दिखाई। ये ख़बर पढ़ कर नन्हे अरिंदम ने भी तय कर लिया कि वो इस रिकॉर्ड को तोड़ कर रहेंगे। इसके बाद शुरू हुई तैयारी।
लॉकडाउन की वजह से कोच नहीं मिल सकते थे, स्टेडियम भी बंद थे, ऐसे में पिता अरुण ने ही अरिंदम को तैयारी करवानी शुरू की। अरिंदम ने दिन में तीन से चार घंटे तक लगातार बॉक्सिंग की प्रैक्टिस की। कई महीने की प्रैक्टिस के बाद वो एक बार में 100 मुक्के जडऩे की स्थिति में आए, लेकिन टाइमिंग अभी भी ठीक नहीं थी। कई बार तो वो छोटा बच्चा हिम्मत हार जाता, हौसले पस्त हो जाते तो थक कर बैठ जाता, लेकिन रिकॉर्ड तोडऩे की ज़िद उसके मन में बनी रही। इस ज़िद की वजह से वो दोबारा उठ खड़ा होता और प्रैक्टिस शुरू कर देता। आखऱिकार नन्हे अरिंदम ने पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड बना डाला।
गोल्डन बुक ऑफ़ वल्र्ड रिकॉड्र्स ने किया सम्मानित
अरिंदम ने सिर्फ़ 13 सेकेंड 07 डेसी सेकेंड्स में पंचिंग बैग में 100 मुक्के जडक़र दिखाए। उनका ये वीडियो रिकॉड्र्स के लिए गोल्डन बुक ऑफ़ वल्र्ड रिकॉड्र्स के पास भेजा गया, जिसने इसकी पुष्टि करते हुए उन्हे सर्टिफिक़ेट भी प्रदान किया।
अरुन कुमार गौर ने बताया कि अरिंदम अब इसे और आगे ले जाना चाहता है। वह अब घर की चारदीवारियों से बाहर निकल कर स्टेडियम में किसी कोच के पास जाकर मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लेना चाहता है ताकि बॉक्सिंग के अपने जुनून को एक नई दिशा दे सकें।



