ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 2 सितंबर। यह फिल्मी गाना पूरे देश में किसी समय बहुत पसंद किया गया और आज भी लोग इस गाने को बड़े ध्यान से सुनते हैं! इस खबर में शीर्षक के तौर पर लिखी गई इस गाने की शुरुआती पंक्तियाँ देश में फैलाये गये कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी और देश की सत्तासीन भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजीबोगरीब प्यार की कहानी पर सटीक बैठती है! देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे संसार में कोरोना वायरस के फैलने की खबरें मालूम होने के बावजूद भी फरवरी के महीने में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के भारत दौरे को सहमति देते हुए कोरोना वायरस से जानबूझ कर जबरन प्यार कर लिया!

कोरोना वायरस को जबरन हमारे देश में निमंत्रण देते हुए नरेंद्र मोदी ने हमारे देश के सभी हवाई अड्डे कोरोना वायरस के आने के लिए खुले छोड़ दिये और मार्च का महीना आते आते पूरे देश के हवाई अड्डों के माध्यम से आने वाले लाखों यात्रियों के जरिये कोरोना वायरस नरेंद्र मोदी के प्यार में हमारे देश में आ कर देश के सभी शहरों में अपना इश्क रूपी रंग दिखा चुका था व अप्रैल और मई के महीनों में तो कोरोना वायरस ने नरेंद्र मोदी के प्यार में पागल हो कर इस देश की पूरी आर्थिक व्यवस्था चौपट करनी शुरू कर दी थी!

कोरोना वायरस के जबरदस्त इश्क को देखते हुए हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस के इश्क के स्वागत में देश की जनता से ताली व थाली बजवाई और मोमबत्तियां जलवाई तथा आतिशबाजी तक करवाई जिस कारण कोरोना वायरस ने खुश हो कर नरेंद्र मोदी के जबरदस्त इश्क को देखते हुए पूरे देश की जनता को अपने पंजे में जकडऩा शुरू कर दिया और देश की पूरी जनता त्राहिमाम त्राहिमाम करने लगी तथा जनता ने इस कोरोना वायरस को मोदी वायरस घोषित कर दिया!

कोरोना वायरस ने मोदी के दिलो दिमाग पर अपने इश्क का जादू इस प्रकार कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा पूरे देश के व्यापार व उद्योग धंधों को पूर्णतया बंद करने के लिए लॉक डाउन लागू कर दिया गया! कोरोना वायरस के इस इश्क ने पूरे देश के व्यापार व उधोग धंधों को पूर्णतया चौपट करते लगभग 10 करोड़ लोगों को तो बेरोजगार कर दिया व लगभग 12 करोड़ लोग गरीबी की खाई में जबरन धकेल दिये गये! लगभग 10 हजार लोग आर्थिक तंगी की वजह से आत्महत्या कर चुके हैं व इतने ही 10 हजार लोगों की आर्थिक तंगी की वजह से आपसी लेनदेन की रंजिश के कारण हत्या कर दी गई तथा हजारों की संख्या में गरीब मजदूर लोग सडक़ों पर पैदल अपने गांव की ओर जाते हुए दुर्घटनाओं का शिकार हो कर मारे गये! अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित हो कर लगभग 61 हजार लोगों की मृत्यु हो चुकी है व लगभग 34 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं!

देश के लगभग 573 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की सेवा करते हुए हुई है व लगभग 87 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं! यह एक बेहद गंभीर विषय है! इसकी सारी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही है क्यों कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानबूझ कर कोरोना वायरस से इश्क करते हुए इतनी खतरनाक बीमारी को गले लगा लिया!

कोरोना वायरस से भारत में होने वाली मौतों के ताजा आंकड़े के अनुसार आज तक कोरोना वायरस से देश में 66 हजार 380 लोगों की मृत्यु हुई है और लगभग 37 लाख 57 हजार 396 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं! हरियाणा प्रदेश के चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में अभी तक 48 से अधिक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं!

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कोरोना वायरस के आपसी इश्क का परवान यहां तक पहुंच गया कि नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रभाव का डर फैला कर कुछ प्रदेशों की विपक्षी सरकारें तोड़ कर अपनी सरकार बनाने की कोशिशें की व लोकसभा में अपने हिसाब से ही कानून पास करे तथा देश की सुप्रीम कोर्ट को भी कोरोना का डर दिखा कर अपनी मर्जी से फैसले करवाये!

कोरोना वायरस के इश्क में फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को अवसर में बदलते हुए देश की जनता को आत्मनिर्भर का नारा दिया व कोरोना वायरस के अपने इश्क का जादू बिखेरते हुए बरसों से लंबित राम मंदिर निर्माण की नींव के भूमि पूजन का फैसला लिया! परंतु यहां पर आ कर नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस के इश्क में इतने अंधे हो चुके थे कि भारत की करोड़ों जनता की आस्था के भगवान राम के मंदिर की नींव का मुहूर्तकाल ना होते हुए भी राम मंदिर की नींव गलत मुहूर्त में रख दी गई तो फिर उसी दिन से भगवान राम ने इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना वायरस के साथ चल रही इश्क की कहानी को समाप्त करने का फैसला लिया और देश पर सत्तासीन भाजपा के ही विधायकों,मंत्रियों व सांसदों को कोरोना वायरस के चक्रव्यूह में फसाना शुरू कर दिया ताकि देश की गरीब जनता व करोड़ों कामगार व नौकरीपेशा लोगों को जानबूझ कर बेरोजगार करने का परिणाम खुद स्वयं भाजपा नेताओं को कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु से भुगतना पड़े!

कोरोना वायरस और भाजपा के इश्क की यह अजीबोगरीब कहानी एक बड़े लूटमार की साजिश रचते हुए लिखी गई थी! इस कहानी को लिखते लिखते भाजपा के कई नेताओं के द्वारा इस कहानी के कुछ जनहित विरोधी परिणामों को देखते हुए इंकार करने की कोशिश भी की गई परंतु आखिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोरोना वायरस के काले जादू ने इतना ज्यादा प्रभावित किया कि कोरोना वायरस के प्रति देश के सभी भाजपा नेताओं का गहरा इश्क हो गया! इस पुराने समय के गाने की पंक्तियां कोरोना वायरस और भाजपा के इश्क पर बहुत ही सटीक बैठ गई कि ‘‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे…करना था इंकार मगर इकरार तुम्हीं से कर बैठे’’! कोरोना वायरस और भाजपा के इस खतरनाक इश्क की कहानी का अंत करने के लिए अब भगवान राम को फैसला लेना पड़ा और सब से पहले भगवान राम ने देश के गृहमंत्री अमित शाह को कोरोना वायरस से संक्रमित किया!

अयोध्या में राममंदिर निर्माण के भूमि पूजन का मुहूर्त ना होने के बावजूद गलत मुहूर्त में भूमि पूजन से नाराज भगवान राम ने उत्तरप्रदेश के दो मंत्रियों को कोरोना वायरस के चक्रव्यूह में फंसा कर मृत्यु के माध्यम से अपने पास बुला लिया और उस के बाद अब उत्तरप्रदेश के लगभग 12 मंत्री कोरोना वायरस की चपेट में हैं!

इसके बाद भगवान राम का गुस्सा हरियाणा प्रदेश की भाजपा सरकार पर फूटा! हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री व लगभग 10 विधायक तथा 30 से 35 की संख्या में मुख्यमंत्री आवास व विधानसभा के अधिकारी व कर्मचारी कोरोना वायरस की चपेट में आ गये! राममंदिर निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास भी कोरोना वायरस की चपेट में हैं!

इस सारे विषय पर जब गंभीरता से सोचा गया तो निचोड़ निकला कि पुराने समय की जो एक कहावत है ‘‘जैसे को तैसा’’ यह कहावत अब भगवान राम की जबरदस्त नाराजगी के चलते देश की सत्तासीन पार्टी भाजपा पर ही घटित होती जा रही है क्यों कि देश के करोड़ों गरीबों की बददुआएं व श्राप अब भाजपा के पतन का कारण बनेगा!

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