आखिर हर दो घंटे में एक बलात्कार, कितनी लंबी है कतार : संदीपनी

दिल्ली। बलात्कार और मर्डर की घटनाओं को लेकर जगह-जगह इन्साफ के लिए प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार और पुलिस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर यह कब तक…? इसी कड़ी में संदीप संदीपनी ने भूत बन पूछे सवाल, हाथ में बैनर, मुंह पर मुखौटा, दिल में धधकती ज्वाला, आँखों में चिता की राख, माथे पर चिंता की लकीरें, यह महज नौ साल की बिटिया का रूप है जो जंतर मंतर पर मनीषा को इंसाफ मिले इस आह्वान पर धरना देने आई थी।
शाहदरा दिल्ली की रहने वाली संदीपनी ने सवाल के जवाब में कहा, ‘मैं निर्भया मनीषा रानी हूं, बलात्कार की पूरी कहानी हूं।’ यह लिखा है मैंने अपने बैनर पर, इसका मतलब साफ है, मैं अगर आज चुप रहूंगी तो कल मेरी बारी होगी। पत्रकारों के सवाल के जवाब में संदीपनी मिश्रा ने कहा कि क्या योगी सरकार ने बलात्कार को ही विकास समझ लिया है? आखिर हर दो घंटे में एक बलात्कार, कितनी लंबी है कतार…? कब तक आंगनों के सीता की राम राज्य के भगवाधारी नेता की निगरानी में इज्जत लूटी जाती और रात के अंधेरे में परिजनों से छीन जलाई जाती रहेगी।



