भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर गूंजा ब्राह्मण एकता का शंखनाद, समाज उत्थान का लिया संकल्प

नई दिल्ली। लोधी इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित आंध्रा एसोसिएशन भवन में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के तत्वावधान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में एनसीआर की प्रमुख ब्राह्मण हस्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ब्राह्मण प्रतिनिधियों एवं चुनिंदा नेताओं ने ब्राह्मण एकता को सुदृढ़ करने, आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने तथा शिक्षा एवं संस्कृति के माध्यम से समाज के उत्थान पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि ज्ञान, संस्कार और संगठन की शक्ति से ही समाज का वर्चस्व एवं सम्मान स्थापित किया जा सकता है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के चेयरमैन पंडित शशिकांत शर्मा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही बच्चों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से ब्राह्मण समाज की दिशा और दशा बदलने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान परशुराम की आज के समय में प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन सत्य, न्याय, साहस और धर्म की रक्षा का प्रतीक है, जो वर्तमान समाज के लिए मार्गदर्शक है। उनके आदर्श आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और समाज में समरसता स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम में सुखबीर शर्मा (वाइस चेयरमैन), श्री अभिषेक दत्त, श्री राधे श्याम शर्मा पूर्व उपकुलपति, आर .एस. गोस्वामी, के.सी. पांडे, अम्बर स्वामी, के.सी. भारद्वाज, श्रेयांश द्विवेदी पूर्व उपकुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय , मंजू शर्मा, मीनू शर्मा, पूजा शर्मा सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए।

मंच संचालक एवं व्यवस्थापक के रूप में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बलबीर शर्मा ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए ब्राह्मण समाज की एकजुटता को और मजबूत करने पर जोर दिया।

सभी वक्ताओं ने एक स्वर में शंखनाद करते हुए कहा कि देश एवं प्रदेशों में वही जनप्रतिनिधि सफल होगा, जो ब्राह्मण समाज का सम्मान करेगा। कार्यक्रम का समापन समाज में एकता, शिक्षा और संस्कारों के प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।

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