डीएलएसए वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत करेगी : सीजेएम सुकिर्ती गोयल

- 27 सितंबर तक चलेगा यह विशेष जागरूकता अभियान
फरीदाबाद : जिला सत्र एवं न्यायधीश कम जिला विधिक सेवा कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन वाई एस राठौर के निर्देशानुसार सीजेएम कम जिला लीगल सेवा प्राधिकरण की सचिव सुकिर्ती गोयल के मार्गदर्शन में जिला फरीदाबाद में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरुकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह जानकारी सीजेएम सुकिर्ती गोयल ने दी।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जागरूकता अभियान में डीएएलएसए के पैनल अधिवक्ताओं, पीएलवी एवं सक्षम युवाओं द्वारा जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान समय में आए दिन हमारे समाज में हो रहे वृद्धजनों पर अत्याचार से सभी लोग वाकिफ़ हैं। उनके अधिकारों का हर दिन हनन किया जा रहा है।
सीजेएम सुकिर्ती गोयल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक चिकित्सा देखभाल, भरणपोषण एवं पर्याप्त वित्तीय सहायता के साथ-साथ अन्य और भी बहुत सी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है और उन्हें असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। सीनियर सिटीजन/ वृद्घजनों को उनके परिवार द्वारा उन्हें घर से निकालकर अपमानजनक जीवन जीने के लिए असहाय छोड़ दिया जाता है। इसलिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृद्धजनों को उनके विशेषाधिकारों तथा उनको संरक्षण व कानूनी जागरुकता प्रदान करने के लिए जिला फरीदाबाद में आगामी 27 सितंबर 2022 तक विशेष अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के अंतर्गत प्राधिकरण पैनल अधिवक्ताओं, पीएलवी व सक्षम युवाओं की टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें वृद्घजनों को जागरूक करेगी।
सीजेएम ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को न्याय व सम्मान दिलवाने के लिए संबंधित विभागों को आदेश दिए गए हैं। इनमें बुढ़ापा व दिव्यांग पेंशन, जिला के सभी चौकी थानों में इनके लिए रजिस्टर लगाने, नौकर और किरायेदारों का सत्यापन करवाने, राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को लाभ उपलब्ध करवाने, ग्रामीण व झुग्गी बस्तियों, पिछड़े क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिक की चिकित्सा और फिजियोथेरेपी क्लीनिक स्थापना करने, मोतियाबिंद का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सरकारी अस्पतालों के अंदर ही शिविर लगाने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पोषण अभियान के तहत कुपोषण से पीड़ित वरिष्ठ नागरिक की पहचान करके उनकी हर संभव मदद करने के आदेश भी दिए गए हैं।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुकिर्ती गोयल ने बताया कि संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों को 12 सितंबर और 27 सितंबर को वरिष्ठ नागरिकों के लिए किए गए कार्यों के बारे में अपनी विभागीय रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करेंगे।



