विश्व सुनामी जागरूकता दिवस पर ऑनलाइन जागरूकता अभियान आयोजित

फरीदाबाद ! राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस द्वारा विश्व सुनामी जागरूकता दिवस पर ऑनलाइन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि सुनामी बड़ी लहरें होती हैं, जो समुद्र के किनारों पर उत्पन्न होती हैं, जो मुख्य रूप से भूस्खलन एवं भूकंप से जुङी होती हैं। कई अन्य प्राकृतिक आपदाओं की तरह सुनामी की भविष्यवाणी करना भी कठिन है। लेकिन यह सुझाव दिया जा सकता है, कि भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक होता है।

समुद्री तूफान को जापानी भाषा में सुनामी बोलते हैं, यानी बन्दरगाह के निकट की लहर। ये बहुत लम्बी – यानी सैकड़ों किलोमीटर चौड़ाई वाली लहरें होती हैं, लहरों के निचले हिस्सों के बीच का फासला सैकड़ों किलोमीटर का होता है। इनकी गति 400 किलोमीटर प्रति घण्टा तक और ऊँचाई 10 से 18 मीटर तक हो सकती है। अधिकतर समुद्री भूकम्पों की वजह से ये तूफान पैदा होते हैं। प्रशान्त महासागर में बहुत सामान्य हैं, पर बंगाल की खाड़ी, हिन्द महासागर व अरब सागर में नहीं। इसीलिए शायद भारतीय भाषाओं में इनके लिए विशिष्ट नाम नहीं है।सुनामी लहरें अत्यधिक खतरनाक होती हैं। और सामान्यतः पानी की मजबूत दीवारों जैसी लगती हैं। मजबूत लहरें समुद्र तट पर घंटों तक हमला करती हैं। जिससे हजारों जीवन बर्बाद हो जाते है और जान व माल की भयंकर हानि होती है। सुनामी के बहुत से कारण हैं जैसे भूस्खलन, भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या अलगाववादी टकराव।

जूनियर रेडक्रॉस और ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि प्रतिरक्षात्मक उपायों का फायदा लेने के लिये सुनामी के प्राकृतिक चेतावनी के लक्षणों को पहचानना महत्त्वपूर्ण है। चूंकि जोरदार भूकंप के कारण सुनामी आ सकती है। इसलिये पृथ्वी के झटकों को समझना चाहिए। सुनामी जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत जूनियर रेडक्रॉस और ब्रिगेड सदस्य छात्राओं ने पोस्टर बना कर और स्लोगन लिख कर जागरूक किया। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा तथा समन्वयक प्राध्यापिका जसनीत कौर और शीतु ने छात्राओं अंजलि, ताविंदा, गुलबहार, चंचल यादव, रिया और अंशिका का सुनामी के प्रति जागरूकता अभियान में सम्मिलित होने पर स्वागत और अभिनन्दन किया।

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