सिपाही ने दी ईमानदारी की मिसाल, गुम हुआ 63000 रुपए की कीमत का मोबाइल उसके मालिक को वापिस लौटाया

- पुलिस चौकी पर्वतीय कॉलोनी के सिपाही मंजीत को बीट में गश्त के दौरान मिला था मोबाइल
फरीदाबाद : आमतौर पर पुलिस महकमे की छवि को नाकारात्मक नजरिए से देखा जाता है। जिसमें अक्सर यह देखने को मिलता है कि पुलिस अपना काम ढंग से नहीं करती और रिश्वत लेती है परन्तु फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी चौकी के सिपाही मंजीत ने ईमानदारी और दृढनिश्चिता की एक ऐसी मिसाल पेश की जो लोगों को ईमानदारी की राह पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।
दरअसल सिपाही मंजीत कल देर शाम अपने पुलिस चौकी के अपने बीट क्षेत्र में पीसीआर पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान मंजीत को रास्ते में मोबाइल पड़ा हुआ दिखाई दिया। मंजीत ने जब जाकर मोबाइल फ़ोन को रास्ते से उठाया तो वह एप्पल कंपनी का आईफोन11 मोबाइल था।
सिपाही मंजीत ने अपना कर्तव्य निभाते हुए महंगे मोबाइल को अपने पास न रखकर इसे उसके मालिक तक पहुँचाने का निश्चय किया और वहाँ आसपास के लोगों और दुकानदारों से उस फ़ोन के मालिक के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। बहुत देर पूछताछ करने के पश्चात् भी फ़ोन का मालिक नहीं मिला। इसके बाद मंजीत मोबाइल को लेकर चौकी में वापिस लौटे और इसके बारे में पुलिस चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर सुरेन्द्र कुमार को बताया। इसके बाद सिपाही मंजीत ने उस मोबाइल का फोटो लेकर अपनी चौकी के सभी बीट अधिकारियों को भेजा और मोबाइल के मालिक के बारे में अपने बीट क्षेत्र में पूछताछ करने के लिए कहा।
यह प्रक्रिया चल ही रही थी की मोबाइल मालिक सुधीर यादव अपने गुम हुए मोबाइल की शिकायत देने स्वयं पुलिस चौकी पर्वतीय कॉलोनी में आ गए। उन्होंने बताया कि वह नंगला इन्क्लेव पार्ट-2 के रहने वाले हैं और उनका मोबाइल कहीं गुम हो गया है। इसके पश्चात् पुलिस चौकी प्रभारी ने उनसे उनके मोबाइल सम्बन्धी कागजात पेश करने के लिए कहा। मोबाइल सम्बन्धी सभी कागजात जांचने के बाद चौकी प्रभारी ने उन्हें उनका मोबाइल लौटते हुए पूरी घटना के बारे में बताया और अपने मोबाइल को संभालकर रखने की हिदायत दी।
सुधीर अपने मोबाइल वापिस पाकर बहुत खुश हुए और कहा की पुलिस चौकी के अधिकारियों ने उनकी उम्मीदों से बढक़र कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वह पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह, पुलिस चौकी पर्वतीय कॉलोनी के पुलिस अधिकारियों व पूरी फरीदाबाद पुलिस के कार्यों की सराहना करते हैं और उनको धन्यवाद देते हैं।



