विदेश भेजने के नाम पर 50 हजार की ठगी, इंस्टाग्राम रील से फंसाते थे लोगों को
ऊना में ऑफिस खोलकर चला रहे थे ठगी का सिंडिकेट, साइबर थाना सेंट्रल ने चार आरोपियों को दबोचा

- जॉर्जिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर हुई थी ठगी, आरोपियों से 5 मोबाइल बरामद; 7 दिन के पुलिस रिमांड पर
फरीदाबाद : विदेश भेजने और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक साइबर सिंडिकेट का फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना सेंट्रल टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के चार आरोपियों को ऊना, हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने के नाम पर रील डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगमोहन सिंह उर्फ जग्गी निवासी गांव दौलतपुर, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हर्ष कुमार उर्फ हर्षू निवासी गांव करमपुर, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हिमालय उर्फ हैरी निवासी मोहल्ला वेद्य हेमराज, जिला शहीद भगत सिंह नगर, पंजाब, हाल निवासी गांव करमपुर, हिमाचल प्रदेश तथा गगन सैनी निवासी गांव करमपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस ने चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है। जिनसे पूछताछ कर, उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा उनके द्वारा की गई संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगमोहन सिंह उर्फ जग्गी इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है, जबकि हर्ष कुमार उर्फ हर्षू उसका पार्टनर है। दोनों ने ऊना के पालिका बाजार में विदेश भेजने के नाम पर एक कार्यालय संचालित किया हुआ था।
आरोपी विदेश भेजने के नाम पर लोगों को आकर्षित करने के लिए इंस्टाग्राम पर रील डालते थे। इसी क्रम में आरोपियों ने जॉर्जिया में वर्क वीजा पर भेजने के संबंध में भी इंस्टाग्राम पर रील डाली हुई थी। फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर रील देखी और आरोपियों के संपर्क में आया।
इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जॉर्जिया में वर्क वीजा पर भेजने का झांसा दिया और इसके एवज में 50 हजार रुपये गगन सैनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जांच में सामने आया कि गगन सैनी खाताधारक है, जबकि उसका बैंक खाता आरोपी हिमालय उर्फ हैरी द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
आर्मेनिया के नंबर से करते थे बातचीत
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता से आर्मेनिया देश के विदेशी नंबर से फोन पर बातचीत की गई थी। पुलिस के अनुसार यह विदेशी नंबर हर्ष कुमार और हिमालय उर्फ हैरी ने जगमोहन को उपलब्ध कराया था।
पूछताछ में सामने आया कि हर्ष कुमार और हिमालय उर्फ हैरी पहले आर्मेनिया में काम कर चुके हैं और वहां से भारत लौटने के बाद दोबारा विदेश जाने के प्रयास के दौरान उनकी मुलाकात जगमोहन से हुई थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने का नेटवर्क तैयार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अब तक 20 से 25 वारदातों को अंजाम देने की बात बताई है। हालांकि इन वारदातों से संबंधित पूरी जानकारी अभी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट और सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें 2 मोबाइल नंबर आर्मेनिया देश के बताए जा रहे हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन और विदेशी नंबरों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार न्यू बसेल्वा कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति के साथ फरवरी 2026 में जॉर्जिया देश में वर्क वीजा पर भेजने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी की गई थी। शिकायतकर्ता ने इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने के संबंध में एक रील देखी थी। रील के माध्यम से आरोपियों से संपर्क करने के बाद उसे वर्क वीजा पर जॉर्जिया भेजने का झांसा दिया गया और उससे 50 हजार रुपये ले लिए गए।
शिकायत के आधार पर 7 मई 2026 को साइबर थाना सेंट्रल, फरीदाबाद में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य माध्यमों से जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की पहचान की और ऊना, हिमाचल प्रदेश पहुंचकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फरीदाबाद पुलिस की आमजन से अपील है कि सोशल मीडिया पर विदेश भेजने, वर्क वीजा अथवा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों और रील्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को पैसा देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना दें।



