कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन ही संजीवनी बूटी के समान है : डॉ. मानसिंह

फरीदाबाद (बल्लभगढ़), 17 जुलाई। श्री सिया राम मंदिर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक दिवसीय रैपिड एंटीजन जांच व वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया, जहां पर मंदिर के श्रद्धालुओं ने शिविर की व्यवस्था को सुचारू रूप देने में भरपूर सहयोग दिया और लोगों ने शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेकर वैक्सीन लगवाई और एक दूसरे को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया।

नोडल अधिकारी डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ आर एस पूनिया के दिशा निर्देशानुसार व एसडीएम अपराजिता के मार्गदर्शन में निरंतर यह प्रक्रिया जारी है उन्होंने बताया कि शिविर में 386 रैपिड एंटीजन जांच की गई और 395 लोगों को वैक्सीन लगाई गई और वैक्सीनेशन शिविर में लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया जिसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों की अनु पालना के तहत लोग स्वयं वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक होने लगे हैं और कोरोना से बचाव के लिए एक दूसरे को जागरूक कर रहे हैं।

नोडल अधिकारी डॉ मानसिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव के लिए सभी को वैक्सीन लगवानी आवश्यक है उसके लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं ताकि कोरोना संक्रमण का नामोनिशान और तीसरी लहर को रोकने के लिए जनता भी जागरूक होने लगी है।

डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि मुझे खुशी है बल्लबगढ़ क्षेत्र में कोराना संक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिए क्षेत्रीय नागरिक एक दूसरे को जागरूक कर रहे हैं और वैक्सीन लगवाने के लिए एक दूसरे को प्रेरित भी कर रहे हैं उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण और तीसरी लहर को रोकने के लिए सावधानी ही सुरक्षा है इसके लिए के अनावश्यक घर से बाहर ना निकले सामाजिक दूरी बनाए रखें अपने घरों के आसपास साफ सफाई बनाए रखें और अपने हाथों को साबुन या सेनीटाइजर से धोते रहे और साथ ही साथ उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि 18 से प्लस सभी लोग समय पर वैक्सीन लगवाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्रों में वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं इसलिए क्षेत्रीय डिस्पेंसरी और अस्पताल में पहुंचकर सरकार द्वारा निशुल्क वैक्सीनेशन शिविर में पहुंचकर लाभ उठाएं इसके लिए स्वयं भी सुरक्षित रहे और आस पड़ोस के लोगों को भी जागरूक करें बचाव के लिए सावधानी ही सुरक्षा है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!