गुरुग्राम में सजा स्वादों का सरस आजीविका मेला: देशभर के स्वाद एक ही छत के नीचे

गुरुग्राम : सरस आजीविका मेला का फूड फेस्टिवल देश की विविध पाक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन है। यहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक व्यंजन लेकर आई हैं, जो स्वाद के साथ-साथ संस्कृति और विरासत का भी परिचय कराते हैं।

उत्तर भारत

हरियाणा की पारंपरिक थाली में चावल, कढ़ी, गाजर-मेथी की सब्जी, बाजरे की रोटी, कनक की रोटी, दही और मक्खन शामिल हैं। चोले कुलचे, चोले भटूरे, बन कुलचा, हाथ से बने पैटीज़ और जलेबी भी उपलब्ध हैं।

राजस्थान का दाल-बाटी-चूरमा, राज कचौरी और रबड़ी घेवर विशेष आकर्षण हैं। जम्मू-कश्मीर का कलाड़ी कुलचा, राजमा चावल, खीर, कचालू और आलू पराठा लोगों को खूब पसंद आ रहा है।

उत्तराखंड के मोमोज और लस्सी सबसे अधिक मांग में हैं। साथ ही राजमा चावल, ब्रेड रोल, वेज पकोड़ा, मिक्स पकोड़ा, मूंग दाल पकोड़ा, मटकी चुटकानी और काफली भी परोसे जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश का सिड्डू (मीठा और नमकीन), मंडली धाम जिसमें चावल, सेपू बड़ी और गुड़ की खीर शामिल है, मादरा और कद्दू का खट्टा उपलब्ध हैं। आगे बाबरू, गुच्छी का सूप और मालपुआ भी जोड़े जाएंगे।

पूर्वी भारत

बिहार की लिट्टी-चोखा, धनिया और मूंगफली की चटनी के साथ परोसी जा रही है। झारखंड का धुस्का, सत्तू रोटी, आलू पराठा, अरसा पिठा और चावल-दाल-सब्जी के संयोजन भी उपलब्ध हैं।

ओडिशा के चूड़ा घस्सा, अरिसा पिठा, काकरा पिठा, गुड़ोपोड़ा पिठा, खीरा पोड़ा पिठा, बांस की टोकरी में बना दलिया पिठा, सिजा मंडा, चंद्रकांत और बड़ा मटर सब्जी परोसे जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के चिकन दम बिरयानी, डिम आलू चिकन, भेटकी फिश फ्राई, प्रॉन मसाला फ्राई, चिकन कबाब, चिकन पकोड़ा, फिश फिंगर, पाम्फ्रेट फ्राई और चिली चिकन फ्राइड राइस विशेष आकर्षण हैं।

असम की जोहा चावल की खीर, पिठा, लारू और नमकीन पिठा भी खूब सराहे जा रहे हैं।

पूर्वोत्तर

नागालैंड का किमबाप, चाउमीन, चीज और चिकन मोमोज, रोज़ेल टी, ब्लू टी, फ्रूट मिक्स सलाद और नागाथाली उपलब्ध हैं।

अरुणाचल प्रदेश का ओनिगिरी, स्थानीय चावल से बना पोकी और पेरी पेरी फ्राइड राइस भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

दक्षिण भारत

तमिलनाडु की इडली, पोड़ी इडली, सादा डोसा, घी डोसा, प्याज डोसा, मसाला डोसा और वडा उपलब्ध हैं।

आंध्र प्रदेश मुगलाई चिकन बिरयानी, मिलेट सूप, पेसरट्टू, एग डोसा, गुंटूर चिकन फ्राई, चिकन लॉलीपॉप, मिलेट लड्डू और पारंपरिक अचार लेकर आया है।

केरल के फ्रेश जूस, स्मूदी, सोडा, लस्सी और विशेष नारी मिल्क शरबत उपलब्ध हैं।

पश्चिम भारत

महाराष्ट्र का वडा पाव, पाव भाजी, मिसल पाव, मसाला पापड़, पानी पुरी और रगड़ा पानी पुरी परोसी जा रही है।

गुजरात का खमन ढोकला, जलेबी-फाफड़ा, गुजराती थाली, ब्रेड पकोड़ा, भजिया और मसाला गाठिया उपलब्ध हैं।

गोवा की किंग फिश, मैकेरल, क्रैब, प्रॉन्स, चिकन जाकुती और कैफ्रियल समुद्री स्वाद का अनुभव कराते हैं।

सरस आजीविका मेला का यह फूड फेस्टिवल केवल स्वादों का संगम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की कहानी भी है I यह लखपति दीदियों की बढ़ती उद्यमशील यात्रा को भी दर्शाता है, जहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने पारंपरिक पाक कौशल को स्थायी आजीविका में बदल रही हैं। शहरी उपभोक्ताओं से सीधे जुड़कर वे अपनी आय सशक्त कर रही हैं और ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के व्यापक लक्ष्य को मजबूत बना रही हैं।

सरस आजीविका मेला 2026 -एक नजर में

सरस आजीविका मेला 2026 गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली पार्क में 10 से 26 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत DAY-NRLM द्वारा आयोजित इस मेले में 28 से अधिक राज्यों की 900+ लखपति दीदियां 450+ स्टॉल के माध्यम से अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं। यहां हस्तशिल्प, हैंडलूम, सजावटी वस्तुओं के साथ 27 राज्यों के व्यंजनों वाला फूड पवेलियन भी प्रमुख आकर्षण है। प्रवेश व पार्किंग नि:शुल्क है। यह स्थल IFFCO चौक मेट्रो स्टेशन से मात्र 2–3 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित है, जिससे यहां पहुंचना अत्यंत सुविधाजनक है।

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