वर्ष 2022 के गैंगरेप मामले में चार दोषियों को 20-20 साल की सजा
फरीदाबाद पुलिस की मजबूत विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला

फरीदाबाद। वर्ष 2022 में थाना आदर्श नगर में दर्ज एक गैंगरेप के मामले में चार वर्ष बाद अदालत ने चारों आरोपितों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की साक्ष्य आधारित विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने यह फैसला सुनाया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जुलाई 2022 में थाना आदर्श नगर में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। पीड़िता की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जिनकी पहचान प्रशांत कुमार उर्फ आलोक निवासी करोरा, जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी हरी विहार, सुभाष कॉलोनी, बल्लभगढ़, मनजीत निवासी गांव डाबड़ी, जिला रेवाड़ी, हाल निवासी हरी विहार, आदर्श नगर, बल्लभगढ़, ऋषिराज निवासी आदर्श नगर, बल्लभगढ़ तथा पंकज निवासी गांव बीदोनी, जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी आदर्श नगर, बल्लभगढ़ के रूप में हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, गवाहों के ब्यान तथा अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और अनुसंधान पूर्ण होने पर 27 सितंबर 2022 को आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) माननीय न्यायालय में दाखिल किया गया।
उप जिला न्यायवादी (डीडीए) श्रीमती डा० रेखा जांगड़ा ने बताया कि पुलिस ने मामले में ठोस एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की थी। गवाही के दौरान शिकायतकर्ता अपनी गवाही से मुकर गई थी। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके चलते आरोपितों के विरुद्ध अपराध सिद्ध हुआ।
मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को प्रत्येक आरोपित को गैंग रेप के अपराध में 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रशांत उर्फ आलोक व ऋषिराज को गैंग रेप के साथ-साथ आईटी एक्ट में भी 2 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार महिला विरुद्ध अपराधों के मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच कर दोषियों को सजा दिलाना फरीदाबाद पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस और अभियोजन विभाग के समन्वित प्रयासों से इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने में सफलता मिली।



