जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में “एनजीओ कार्यप्रणाली एवं कौशल विकास” विषय पर व्याख्यान आयोजित
एनजीओ की संपूर्ण कार्यप्रणाली और समुदाय की आवश्यकताओं का आकलन को सीखें युवा : विवेक गौतम

- सामाजिक कार्य के लिए आवश्यक कौशल की गहन समझ होना जरूरी : प्रो. पवन सिंह
फरीदाबाद। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत बीए सोशल वर्क के विद्यार्थियों के लिए ‘एनजीओ कार्यप्रणाली एवं कौशल विकास’ विषय पर एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता विवेक गौतम ने विद्यार्थियों को गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की कार्यप्रणाली तथा सामाजिक कार्य के क्षेत्र में आवश्यक व्यावसायिक कौशलों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र ढुल द्वारा किया गया, जबकि सहायक प्रोफेसर डॉ.अखिलेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया। अपने व्याख्यान में विवेक गौतम ने बताया कि गैर-सरकारी संगठन समाज की विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने एनजीओ की संपूर्ण कार्यप्रणाली जैसे समुदाय की आवश्यकताओं का आकलन, परियोजना निर्माण, संसाधन जुटाना, धन संग्रह, परियोजना क्रियान्वयन, निगरानी, डॉक्यूमेंटेशन, मूल्यांकन तथा रिपोर्ट लेखन की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

समाज क्षेत्र में लंबा अनुभव प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता विवेक गौतम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सफल सामाजिक कार्यकर्ता बनने के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, समस्या समाधान, आलोचनात्मक चिंतन, समय प्रबंधन, रिपोर्ट लेखन, निर्णय क्षमता तथा सहानुभूति जैसे व्यावहारिक कौशलों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को क्षेत्रीय कार्य, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं के माध्यम से इन कौशलों को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने बताया कि इस व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को एनजीओ की कार्यप्रणाली, परियोजना नियोजन, सामुदायिक सहभागिता, प्रलेखन, निगरानी, मूल्यांकन, व्यावसायिक नैतिकता तथा सामाजिक कार्य के लिए आवश्यक कौशलों की गहन समझ प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछे तथा एनजीओ क्षेत्र से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सामाजिक कार्य के सिद्धांतों को व्यवहारिक जीवन एवं फील्ड वर्क से जोड़ने के लिए प्रेरित किया, वहीं नरेंद्र ढुल ने पूरे कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय करते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। डॉ. नरेंद्र ढुल ने विशेषज्ञ का धन्यवाद व्यक्त किया।



