साइबर ठगी के दो मामलों में खाताधारक गिरफ्तार
फोन हैक कर 45 हजार की ठगी, दूसरे मामले में पिता का जानकार बनकर 25 हजार ऐंठे

- साइबर थाना एनआईटी की कार्रवाई, ठगी की रकम खातों में आने के बाद दोनों आरोपी पकड़े गए
फरीदाबाद। साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में आरोपी के बैंक खाते में फोन हैक कर ठगी किए गए 45 हजार रुपये आए थे, जबकि दूसरे मामले में आरोपी के खाते में ठगी के 22 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहला मामला-फोन हैक कर खाते से उड़ाए 45 हजार रुपये
पहले मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने सतीश (28) निवासी रायसेन, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में फोन हैक कर की गई साइबर ठगी की 45 हजार रुपये की रकम आई थी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गांव गोठरा निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि 23 मई 2026 को उसके मोबाइल फोन को किसी अज्ञात व्यक्ति ने हैक कर लिया। इसके बाद उसके बैंक खाते से 45 हजार रुपये निकल गए। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। जांच के आधार पर खाताधारक सतीश को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि सतीश ही उक्त बैंक खाते का खाताधारक है और उसके खाते में ठगी की पूरी 45 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और फैक्टरी में मजदूरी का काम करता है।
दूसरा मामला-पिता का जानकार बनकर महिला से ठगी
दूसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने वारिश (19) निवासी मथुरा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। जिस पर आरोप है कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल पिता का जानकार बनकर की गई साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-21, फरीदाबाद निवासी एक महिला ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को उसके पिता का जानकार बताया और कहा कि उसके पिता ने उसके पास 15 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है।
इसके बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर 10 हजार और 50 हजार रुपये जमा होने के मैसेज भेजे गए। इन मैसेज पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने बिना अपने बैंक खाते का वास्तविक बैलेंस चेक किए कथित पिता के जानकार द्वारा बताए गए बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो उसे पता चला कि उसके खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई थी। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने मामले की शिकायत साइबर थाना एनआईटी में दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने खाते के धारक वारिश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि वारिश के बैंक खाते में साइबर ठगी की 22 हजार रुपये की रकम आई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी 5वीं कक्षा तक पढ़ा है और वर्तमान में बेरोजगार है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।



