साइबर थाना NIT और बल्लभगढ़ की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के 3 अलग-अलग मामलों में 5 आरोपित गिरफ्तार

फरीदाबाद, 21 अगस्त। साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस आयुक्त फरीदाबाद के निर्देशन में साइबर थाना NIT और साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के तीन मामलों में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों का इस्तेमाल करने से लेकर ठगी की रकम को आगे पहुंचाने और फ्रॉड से हासिल मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त तक आरोपितों की भूमिका रही है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 91.50 लाख की ठगी, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले तीन गिरफ्तार
पहले मामले में साइबर थाना NIT की टीम ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर 91 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पवन कुमार निवासी विनोद नगर, ईस्ट दिल्ली, गौरव त्यागी निवासी बालाजी विहार, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश तथा जितेन्द्र निवासी लोह मंडी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपितों ने खाताधारक इन्द्रजीत का बैंक खाता ठगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। जांच में सामने आया कि इन्द्रजीत के बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम में से 12.50 लाख रुपये आए थे। आवश्यक पूछताछ के बाद आरोपितों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 27,802 रुपये ठगे
दूसरे मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 27,802 रुपये की साइबर ठगी करने के एक मामले में आरोपित शिव शंकर उर्फ राघव निवासी संगम विहार, साउथ दिल्ली को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित पहले दिल्ली के नेहरू प्लेस में मोबाइल फोन की दुकान चलाता था। क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के माध्यम से खरीदे गए मोबाइल फोन को वह पहले गिरफ्तार किए जा चुके अब्दुल से कम कीमतों पर खरीदता था और फिर आगे बेचता था। जिसको 5 दिन पुलिस रिमांड पर लेकर साइबर थाना के टीम पूछताछ कर रही है।
6.61 लाख के ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में जेल में बंद खाताधारक प्रोडक्शन वारंट पर लिया
तीसरे मामले में साइबर थाना NIT में दर्ज 6.61 लाख रुपये के ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की जांच के दौरान दिल्ली की जेल में बंद आरोपी रोहित बिष्ट निवासी किरनौ, उत्तरकाशी, उत्तराखंड, हाल निवासी महरौली, दिल्ली को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित के बैंक खाते में इस साइबर फ्रॉड से संबंधित 2.20 लाख रुपये की रकम आई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित के बैंक खाते से संबंधित विभिन्न राज्यों में 7 शिकायतें दर्ज हैं जिनमें उसके बैंक खाते में करीब 1.24 करोड़ रुपये की रकम आने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस साइबर ठगी के मामलों में साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर आगे भेजने के लिए खातों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
फरीदाबाद पुलिस की नागरिकों से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता और विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। अधिक मुनाफे का लालच देकर भेजे जाने वाले लिंक, सोशल मीडिया ग्रुप और अनजान लोगों के निवेश संबंधी संदेशों से सावधान रहें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने और पीड़ित को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने की संभावना बढ़ जाती है।



