मीडिया विभाग द्वारा सोशल वर्क के विद्यार्थियों के लिए दयालपुर में सात ‘दिवसीय ग्रामीण शिविर’ का शुभारंभ

फरीदाबाद : जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा बीएसडब्ल्यू 5वें सेमेस्टर और एमएसडब्ल्यू तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए ‘सात दिवसीय ग्रामीण शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण जन- जीवन की वास्तविकताओं, सामाजिक संरचना और व्यावहारिक चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना रहा।
दयालपुर गांव में आयोजित इस रूरल कैंप में पूर्व सरपंच निशांत हुड्डा तथा वर्तमान सरपंच प्रीति सिंह ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए अच्छे कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। सरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न योजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए।
मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सोशल वर्क के विद्यार्थियों के लिए ऐसे ग्रामीण शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह केवल कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों का परीक्षण नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। इससे उन्हें ग्रामीण परिवेश की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।
रूरल कैंप के उद्घाटन सत्र की शुरुआत सीएमटी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ.नरेंद्र ढुल के स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद सहायक प्रोफेसर डॉ.अखिलेश त्रिपाठी ने शैक्षणिक दौरे के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और उनके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, डॉ. डिंपल ने विद्यार्थियों को रिसोर्स मैपिंग, विलेज मैपिंग और ग्रामीण समुदायों के साथ प्रभावी संचार तकनीकों की सूक्ष्मताओं से अवगत कराया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने गांव की व्यवस्था, सामाजिक मानदंडों, परंपराओं और मूल्यों से संबंधित कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
अपराह्न भोजन के उपरांत ग्रामीण शिविर के अंतर्गत व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को गांव का भ्रमण कराकर प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया, ताकि वे जमीनी स्तर पर सामाजिक समस्याओं और संसाधनों का आकलन कर सकें।



