अभिषेक ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया : मुकेश शर्मा
सिविल जज बनने पर टीम पंडित जी की तरफ से पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर ने दी शुभकामनाएं

फरीदाबाद, 17 अक्टूबर। अभिषेक के सिविल जज बनने पर टीम पंडित जी की तरफ से पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर मुकेश शर्मा ने गांव अनंगपुर पहुंचकर उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं। बता दें कि अभिषेक हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक) परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल जज बने हैं। उनकी उपलब्धि पर पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर ने कहा कि अभिषेक ने क्षेत्र को गौरवान्वित करने का काम किया है। तथा परीक्षा उत्तीर्ण करना उनकी मेहनत व सफलता को दर्शाता है। वहीं, अन्य परीक्षार्थियों के लिए उन्होंने मिसाल पेश की है की कैसे कड़ी मेहनत व लग्न के दम पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।

पत्रकारों से बातचीत में 26 वर्षीय अभिषेक ने कहा कि उन्होंने अपने गांव के ही बृज मोहन लाल स्कूल से पहली से 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 में वकालत की पढ़ाई डीयू से शुरु की। 2023 में यूपी से प्रयास किया। लेकिन क्वालीफाई नहीं हो पाए। इस वर्ष जनवरी 2024 मे हरियाणा में प्रयास किया जिसमें सफलता मिल गई। उन्होनें कहा कि जुडिशरी की तैयारी के लिए उन्होंने कहीं से कोई कोचिंग नहीं ली। इंटरनेट और जुडिशरी के सिलेबस से घर पर ही रह कर तैयारी की।
जज बनने की प्रेरणा कहां से मिली इस पर अभिषेक ने बताया की उनके बाबा चौधरी अतर सिंह सामाजिक तौर पर काफी सक्रिय रहे। लोगों के फैसले कराने पंचायत करने कोर्ट आदि के मामले सुलझाते रहते थे। जिसे देख कर उनका झुकाव न्याय की शिक्षा की तरफ हुआ। तथा उन्होंने जुडिशरी की तैयारी की और सफलता प्राप्त की।
अभिषेक ने कहा कि जो भी छात्र जुडिशरी की तैयारी कर रहे हैं, वह अपने आप पर विश्वास रखें और सिलेबस से ही तैयारी करें। इंटरनेट का इस्तेमाल केवल अपनी पढ़ाई से सम्बंधित कार्य के के लिए करें। अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखें। साथ ही भरपूर नींद लें। अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों को देते हुए कहा कि शुरु से ही उनकी जुडिशरी में जाने की इच्छा थी। तथा परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
अभिषेक के दादा चौधरी अतर सिंह नेताजी व पिता सुंदर ने कहा कि पढ़ाई के लिए एक उपयुक्त वातावरण दिया गया। तथा समय-समय पर गाइडेंस देते रहे। बेटे अभिषेक का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया। जिसकी बदौलत अभिषेक अपने लक्ष्य में कामयाब हुए हैं। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता कन्हैयालाल वशिष्ठ, केशव दत्त गौड़, ललित शर्मा, राजवीर, होशियार, नरेश, सुभाष, प्रताप आदि मौजूद रहे।



