विराट हिन्दू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति ने निकाली भव्य कलश यात्रा

फरीदाबाद : दयानंद नगर, सेक्टर 7A, 7C एवं 8 तथा सरस्वती बस्ती, सूर्य नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मातृशक्ति द्वारा विशेष भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बन गया।
दयानंद नगर में कार्यक्रम एकता पार्क, पीपलेश्वर महादेव मंदिर पार्क एवं जनकल्याण मंदिर धर्मशाला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे मातृशक्ति द्वारा भव्य कलश यात्रा से हुई। इसके बाद सुबह 9:00 बजे सामूहिक हवन किया गया। 10:00 बजे मंच कार्यक्रम एवं वक्ताओं के उद्बोधन हुए तथा दोपहर 1:30 बजे भंडारा प्रसाद वितरण किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री रासबिहारी (विश्व हिन्दू परिषद) ने अपने संबोधन में कहा कि “हिंदू समाज की एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। हमें अपने घरों से ही संस्कार और संस्कृति को मजबूत बनाना होगा, तभी समाज संगठित और सशक्त बनेगा।”
डॉ. प्रदीप (महानगर सहकार्यवाह, फरीदाबाद पूर्व) ने कहा कि “आज समय की आवश्यकता है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ें। परिवार और समाज की मजबूती से ही राष्ट्र मजबूत बनता है।”
विजय (त्रिक्षेत्र संगठन मंत्री, संस्कार भारती) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “भारतीय संस्कृति में परिवार, समाज और राष्ट्र एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। संस्कृति और कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।”
महंत श्री मुनिराज जी महाराज (ब्रज धाम सिद्ध पीठाधीश्वर) ने कहा कि “सनातन संस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है। हमें धर्म, संस्कार और अध्यात्म के माध्यम से समाज को सही दिशा देने का कार्य करना चाहिए।”
श्रीमती रेनू (धर्म जागरण) ने कहा कि “मातृशक्ति समाज की आधारशिला है। परिवार में संस्कारों की शुरुआत मां से होती है, इसलिए महिलाओं की भूमिका समाज निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
डॉ. कमल गुप्ता तथा सुरेश (विभाग सह बौद्धिक प्रमुख) ने भी समाज में एकता, संस्कृति संरक्षण और जागरूकता पर अपने विचार रखे।
इसी क्रम में जगदम्बा गार्डन, सरस्वती बस्ती, सूर्य नगर में भी विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद भजन, मंच प्रस्तुति और मुख्य वक्ता के उद्बोधन हुए।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आचार्य अरुण कृष्ण महाराज, संस्थापक श्री कृष्ण सनातन सेवा ट्रस्ट, ने अपने संबोधन में कहा कि “हिंदू समाज को संगठित और जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। हमें अपने बच्चों को धर्म, संस्कृति और भारतीय मूल्यों की शिक्षा देकर एक मजबूत समाज का निर्माण करना होगा।”
दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, राष्ट्रगीत और भजन प्रस्तुत किए गए। बड़ी संख्या में लोगों ने सम्मेलन में भाग लेकर समाज की एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।
उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।



