प्रवासी नेता संतोष यादव नाबालिक दलित बच्ची के दुष्कर्म व हत्या मामले में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे

– धरने पर बैठने से रोकने के लिए डबुआ थाने ने संतोष यादव पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर भेजा नोटिस।
फरीदाबाद : आम आदमी पार्टी के एन आईटी 86 विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्यासी व प्रवासियों की आवाज उठाने वाले संतोष यादव आजाद नगर झुग्गी संघर्ष समिति के नेतृत्व में नाबालिक दलित बच्ची के दुष्कर्म व हत्या मामले में न्याय दिलाने के लिए उपायुक्त कार्यालय पर धरने पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया किधरने पर बैठने से रोकने के लिए डबुआ थाना ने उनपर फर्जी मुकदमे का हवाला दे संतोष यादव को थाना आने का नोटिस भेजा था और ना आने पर झूठे केस में फंसा गिरफ्तारी की धमकी दी। संतोष यादव का कहना हैकि उसने डबुआ पुलिस की परवाह किये बगैर मजबूत तरीके से पीड़ित परिवार की आवाज उठाई और समाजसेवियों के साथ उपायुक्त को ज्ञापन दिया।

प्रवासी नेता संतोष यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने पुलिस को गुंडे बदमाशों ,अवैध शराब माफिया,सट्टेबाज ,भूमाफिया व भ्रष्टाचारियों को पकड़ने की बजाय आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर रही है उन्होंने कहा कि सरकार ने पुलिस को सड़क के गड्ढे भरने ,चौक चौराहों पर चालान के नाम पर उगाही करने और समाजसेवियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर परेशान करने के लिए लगा रखा है। उन्होंने आगे कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही एयरफोर्स रोड पर कुणाल नाम के बच्चे की की मौत नाले में गिरने से हो गई थी तो उसने जनता के साथ मिलकर नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा कराया गया था उन दोषियो को गिरफ्तार करने की बजाय पुलिस अधिकारी संतोष यादव पर बार बार फैसला करने का दबाव बना रहे है और फैसला न करने पर झूठे केस में को फसाने की धमकी दी जा रही है!
संतोष यादव का कहना है कि उसने क वह के किसी दबाव में आने वाला नही और नगर निगम अधिकारियों को गिरफ्तार करवाकरही मानेंगे और आजाद नगर झुग्गी में हुए दरिंदगी के खिलाफ आवाज बुलंद कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि डबुआ थाना एरिया में अवैध शराब,सट्टेबाजों और गुंडागर्दी का बोलबाला है पुलिस को उन पर ध्यान करना चाहिए।
इस मौके पर मजदूरों की आवाज उठाने के लिए संजय मौर्य और आजाद नगर झुग्गी संघर्ष समिति के साथियों ने कहा कि आजाद नगर झुग्गी में निर्भया से भी बड़ा कांड बदमाशों ने किया है लेकिन दोषियों को पकड़ने की बजाय पुलिस द्वारा मजदूरों को परेशान किया जा रहा है,इस मौके पर उपायुक्त कार्यालय को ज्ञापन देते हुए सीबीआई जांच की मांग,पीडित परिवार को पचास लाख और आजाद नगर झुग्गी में शौचालय की मांग रखी गई।



