जेजेपी प्रदेश प्रवक्ता उमेश भाटी ने बाढ़ संभावित यमुना किनारे बसी कॉलोनियों का किया दौरा

फरीदाबाद : जेजेपी प्रदेश प्रवक्ता उमेश भाटी ने अपनी टीम के साथ युमना किनारे बसी कॉलोनियों को दौरा किया। वैसे दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, लेकिन गुरुवार को पानी खतरे के निशान 205.5 मीटर से थोड़ा ऊपर ही है। दिल्ली के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, बेशक जल स्तर स्थिर हो गया हो लेकिन खतरा अभी कम नहीं हुआ है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद की बात करे तो यमुना किनारे बसे बसंतपुर, शिव एंकलेव बल्लभगढ़ के शाहपुरा खादर और गांव अरवा में यमुना का पानी खेतों तक कभी भी पहुंच सकता है। इन सब के बीच शुक्रवार की सुबह जेजेपी प्रदेश प्रवक्ता उमेश भाटी ने अपनी टीम के साथ यमुना किनारे बसे कॉलोनियों का दौरा किया। मौके पर मौजूद पीड़ित लोगों से बातचीत की।

उन्होंने कहा की यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पर बना हुआ है। और शनिवार को देखना होगा कि जलस्तर कम होता है या बढ़ता है। मौके पर जेजेपी प्रदेश प्रवक्ता ने आस पास कई इलाकों का दौरा किया। लोगों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा की जिन लोगों के घरों में पानी भर गया है वह लोग पहले ही खतरे को भांपते हुएं घर खाली कर के जा चुके है। प्रशासन उनके साथ है लेकिन ज्यादातर लोग अब भी अपने घरों में रह रहे है ऐसे में उमेश भाटी ने स्थानीय लोगों से कहा की प्रशासन द्वारा यमुना किनारे बसे इलाकों पर नजर रखी जा रही है। वहीं सरपंचों को और जिले के अधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जरुरी दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। क्यों यमुना से सटे होने के कारण हर साल इस तरह की परेशानियां लोगो के सामने आती है। उससे निपटने के लिए जिला फरीदाबाद पूरी तरह से अलर्ट है। लोगो को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। अगर शनिवार को जलस्तर बढ़ता है तो लोगों के रहने के लिए अस्थायी शिविर बनाने की तैयारी की है। सिंचाई विभाग के अधिकारी खुद नदी के किनारे के गांवों का दौरा करके जायजा ले रहे है। प्रदेश प्रवक्ता उमेश भाटी ने लोगो से बातचीत करते हुएं कि घबराने की जरूरत नहीं है।

हरियाणा सरकार पूरी तरह से आप के साथ है। प्रशासन और सरकार इसको लेकर नजर बनाए हुए है। इस बार अब तक यमुना में 2.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो इस साल अभी तक छोड़ा गया सर्वाधिक पानी है। आमतौर पर हथिनीकुंड बैराज में जल प्रवाह दर 352 क्यूसेक होती है, लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद पानी का प्रवाह बढ़ जाता है। बैराज से छोड़े गए पानी को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं। दिल्ली में नदी से सटे फरीदाबाद यमुना इलाके में इसके आने पर अगर खतरा बनता है तो प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। दौरा करने वालों में गगन सिसोदिया, निज़ाम खान, अहमद अली कई जेजेपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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