दूसरी ‘इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025’ में 4-6 सितम्बर तक दिखेगी मेडटेक में उभरते भारत की धाक

तीन दिवसीय कार्यक्रम में केंद्र मंत्री, इंडस्ट्री के जाने-पहचाने नाम, मेडटेक क्षेत्र के वैश्विक विशेषज्ञ और देश के अग्रणी संस्थान करेंगे ज्ञान साझा

नई दिल्ली, 01 सितंबर : भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, चिकित्सा उपकरणों के लिए निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएमडी) और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत आने वाले ‘केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन’ (सीडीएससीओ) के सहयोग से ‘इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025’ के दूसरे संस्करण की घोषणा की है। कार्यक्रम का आयोजन 4 से 6 सितंबर, 2025 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में ‘भारत स्वास्थ्य 2025’ पहल के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा।

मेडिकल टेक्नोलॉजी और उपकरण क्षेत्र में भारत की क्षमताओं और विकास को उजागर करने के लिए ‘इंडिया मेडटेक एक्सपो’ एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है। 2025 का संस्करण एक बार फिर नीति निर्माताओं, वैश्विक व्यापार जगत के नेताओं, नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स), निवेशकों और स्वास्थ्य सेवा हितधारकों को एक साथ लाएगा, जिससे भारत की स्थिति सटीक अपितु किफायती मेडटेक समाधानों के केंद्र के रूप में और भी मजबूत होगी।

‘भारत: वैश्विक मेडटेक विनिर्माण केंद्र, सटीक इंजीनियरिंग फिर भी किफायती’ शीर्षक के साथ तीन दिवसीय एक्सपो में एमएसएमई, स्टार्ट-अप, अनुसंधान संस्थान, भविष्य के नवाचार मंडप, राज्यों के उत्पाद एवं सेवाएं और सरकारी पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक विस्तृत प्रदर्शनी होगी।

इस कॉन्क्लेव में विषयगत सम्मेलन, सीईओ गोलमेज बैठकें, फायरसाइड चैट और राज्य-केंद्रित सत्र शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय और राज्य मंत्री भी भाग लेंगे। अनुभव क्षेत्र (एक्सपीरियंस जोन) और नेटवर्किंग के अवसर जैसे बी2बी बैठकें, रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकें और नियामक ओपन हाउस, मेड-टेक मूल्य श्रृंखला में सहयोग को और मजबूत करेंगे।

जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री और जितिन प्रसाद, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव अमित अग्रवाल, वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, एनपीपीए के अध्यक्ष पी कृष्णमूर्ति, भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी और फार्मास्यूटिकल्स विभाग के संयुक्त सचिव आर पी सिंह अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में शामिल हैं, जो इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लेंगे।

अन्य प्रमुख वक्ताओं में राकेश कुमार सिंह, सीईओ, वाईईआईडीए, मेडिकल डिवाइस पार्क, यूपी; अवधेश चौधरी, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार, फार्मास्यूटिकल्स विभाग; प्रमोद मेश्राम, उप औषधि नियंत्रक (भारत), सीडीएससीओ आईवीडी डिवीजन आदि शामिल हैं।

आगामी संस्करण के बारे में बात करते हुए ईपीसीएमडी के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल ने कहा, “भारत का चिकित्सा उपकरण क्षेत्र लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के बाजार आकार तक पहुंच चुका है, और 2030 तक इसके 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। 800 से ज्यादा मेडटेक स्टार्ट-अप्स, मजबूत अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं और तेजी से बढ़ते विनिर्माण आधार के साथ हम भारत को न केवल एक उपभोक्ता बाजार के रूप में, बल्कि एक वैश्विक नवाचार और निर्यात केंद्र के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं। ‘इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025’ इस विकास गाथा को प्रदर्शित करने और ऐसे सहयोगों को सक्षम करने में उत्प्रेरक का काम करेगा, जो भारत और दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच में बदलाव ला सकते हैं।”

इस आयोजन में 30 से अधिक देशों के 150 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खरीदार भाग लेंगे, जो वैश्विक हितधारकों को भारत के तेजी से बढ़ते मेडटेक इकोसिस्टम में साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को तलाशने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। AIMED, ADMI, MTAI, AMTZ, AMCHAM, APACMED, ADVAMED, APMEI, ASSOCHAM, CII, FICCI, INVEST INDIA, PHDCCI, NATHEALTH, USIBC और USISPF सहित प्रमुख संगठनों के मजबूत समर्थन के साथ यह एक्सपो मेडिकल टेक्नोलॉजी के भविष्य को आकार देने के लिए एक सामूहिक मंच के रूप में कार्य करेगा।

एक्सपो में फ्यूचर पैवेलियन, आरएंडडी पैवेलियन, स्टार्ट-अप पैवेलियन, स्टेट पैवेलियन, रेगुलेटर्स पैवेलियन और मेक इन इंडिया शोकेस सहित विभिन्न मंडप शामिल होंगे। दूसरे संस्करण में एमएसएमई, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निर्माता, स्टार्ट-अप, नियामक एजेंसियां और राज्य सरकारों सहित 350+ प्रदर्शक भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम में ज्ञान के नए आयामों की खोज, नवाचार को प्रेरित करने और सीमाओं से परे संबंध बनाने के लिए विषयगत सम्मेलन सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र विजन 2047 को पूरा करने के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हैं – एक ऐसा विजन जो न केवल देश के भीतर, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में मेडटेक क्षेत्र के लिए भारत की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने का काम करेगा।

भारत में चिकित्सा उपकरण उद्योग का वर्तमान बाजार आकार 15 अरब डॉलर अनुमानित है, और 2030 तक इसके 30 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के एक उभरते हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। चिकित्सा उपकरण उद्योग स्वास्थ्य सेवा बाजार में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है, और वर्तमान में विभिन्न श्रेणियों के उपकरण-उपभोज्य वस्तुओं से लेकर प्रत्यारोपण योग्य चिकित्सा उपकरणों तक भारत में निर्मित किए जा रहे हैं।

भारतीय मेडटेक उद्योग वर्तमान में जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाद एशिया में चौथा सबसे बड़ा चिकित्सा उपकरण बाजार है, और वैश्विक स्तर पर शीर्ष 20 चिकित्सा उपकरण बाजारों में शुमार है। चिकित्सा उपकरणों के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और देश भर में चार ‘चिकित्सा उपकरण पार्कों’ की स्थापना से प्रेरित होकर यह उद्योग उल्लेखनीय वृद्धि के लिए तैयार है। औषधि विभाग एक भारत चिकित्सा उपकरण नीति भी तैयार कर रहा है, जो वर्तमान में अंतर-मंत्रालय परामर्श चरण में है।

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