एक सप्ताह में फरीदाबाद पुलिस ने 67 साइबर ठगों को किया गिरफ्तार, ₹20,33,500 लाख बरामद; ₹10,67,302 की राशि खातों में कराई फ्रीज

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

फरीदाबाद : साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में फरीदाबाद पुलिस के तीनों साइबर थानों की टीमों ने 19 सितम्बर से 25 सितंबर के बीच एक सप्ताह के दौरान प्रभावी कार्रवाई करते हुए 67 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान आरोपितों से ₹20,33,500 लाख की राशि बरामद की गई है, जबकि साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए ₹10,67,302 की राशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई गई है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि तीनों साइबर थानों की टीमों ने कुल 15 मामलों में 67 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें साइबर थाना एनआईटी के 06 मामले, साइबर थाना सेंट्रल के 04 व साइबर थाना बल्लभगढ के 05 मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त साइबर पुलिस टीमों द्वारा 500 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। यह कार्रवाई 19 सितम्बर से 25 सितंबर 2026 के बीच एक सप्ताह के दौरान की गई है।

गिरफ्तार आरोपितों में मान सिंह राठौर, अंकित साहू, शिवा, सूरज कुमार, मुन्ना लाल, मानव शर्मा, अभिषेक, उवेश, विकाश, सूरज, निखिल कमलेश, अशोक सैन, विक्रम सिंह, पुष्पेंद्र, सतीश, शाहवेज अंसारी, रोहित कुमार, निर्माण, दुष्यंत पुरोहित, विनीत पाठक, नयन दिवाकर, विजेंद्र कुमार, अनुराग जैन, अंशुल जैन, मोहम्मद साहने, चिराग गुप्ता, अंकित सिंह, विकाश मालवीय, शुभम पत्तर, अजय कुमार, शेखर, पवन कुमार, विपिन, गुलशन, शशिकांत राव, विजय मीणा, दल नवाब मूसा भाई, भँवर फरदीन, मोहम्मद निजाब, मकरानी अकिल असलम भाई, गौरव श्रीवास्तव, सौरभ कुशवाह, मोहित चौरसिया, ऋतिक जैन, कैलाश सिंह, सुरेशचंद, अनुज, आदित्य, शैफाली, विपुल रॉय, प्रकाश सरकार, विवेक रॉय, अंकुर श्रीवास्तव, मनीष, राहुल मीणा, मोहित यादव, विशाल डागर, निखिल, अनुराग, शिवम शर्मा, अभिषेक कुमार, सूरज, सिद्धार्थ, विशाल वर्मा व पंकज का नाम शामिल हैं।

पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अपनी बैंकिंग अथवा अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी व्यक्ति को ओटीपी न बताएं। बैंक अथवा कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर ग्राहकों से उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी प्रावधान भारतीय कानून में नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन पर डराने या पैसे की मांग करने का प्रयास करता है तो सतर्क रहें और उसकी बातों में न आएं।

साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को बिना देरी किए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा साइबर अपराध से संबंधित शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

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