कोरोना पर की जा रही गंदी राजनीति !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 1 अप्रैल। बड़ी शर्मनाक बात है कि हमारे देश .में कोरोना जैसी गंभीर बीमारी को भी एक गंदी राजनीति का हिस्सा बना दिया गया! एक विशेष राजनैतिक पार्टी के छुटभैये नेता सारा दिन भर वट्सएप व सोशल मीडिया पर फिर दोबारा से हिंदू मुस्लिमवाद का जहर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को ले कर-कर रहे हैं! उस विशेष राजनैतिक पार्टी के छुटभैये नेता व चमचे कड़छे कोरोना वायरस के संक्रमण में भी धर्म व जाति का जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं! आरोप लगाये जाते हैं कि दिल्ली में एक विशेष धर्म के लोगों को ही भोजन व राशन राहत सामग्री के तौर पर दिया जा रहा है और दूसरे धर्म विशेष के लोगों को नहीं दिया जा रहा! बहुत से कट्टरवादी शरारती तत्व दिल्ली में हुए दंगों की आग की राख को ठंडा नहीं होने देना चाह रहे और उन जालिमों के सीने में कोरोना वायरस के माध्यम से भी धर्म और जाति के नाम पर जहर फैलाने के अरमान अभी बचे हुए हैं!
कोरोना वायरस से प्रभावित इस देश के जो लोग हैं वे सभी इंसान हैं चाहे किसी भी धर्म के हों! इंसानियत व मानवता का धर्म हिंदू व मुस्लिम दोनों धर्मों की लड़ाई से बड़ा धर्म है! एक विशेष राजनैतिक पार्टी इस कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी के राहत कार्यों में केवल अपने ही छुटभैये नेताओं के दम पर पूरे देश में कोरोना वायरस जैसे गंभीर रोग का मुकाबला करना चाहती है जो कि कतई संभव नहीं है! उस विशेष राजनैतिक पार्टी के छुटभैये नेताओं ने कोरोना वायरस का एक भद्दा मजाक बनाते हुए कोरोना पर गाने,रागनियां व आरतियां बना दी व भारतीय वेद शास्त्रों तथा ग्रंथों का अपमान करते हुए एवं गंदी राजनीति करते हुए कोरोना वायरस का संबंध शिव पुराण जैसे पवित्र ग्रंथों से जोड़ दिया!
उसी विशेष राजनैतिक पार्टी के लोग जनता में लॉक डाउन के नाम पर भय फैला रहे हैं! इस वक्त भारत में कोरोना वायरस की बीमारी को ले कर सत्तासीन पार्टी के द्वारा भी काफी गलतियां की गई हैं! इन महागलतियों की वजह से भारत की गरीब जनता कोरोना वायरस से कहीं बहुत ज्यादा भूख से मरेगी! देश की सत्तासीन पार्टी ने अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा के चलते कोरोना वायरस के रोग को केवल अपने द्वारा ही ठीक करने का ठेका समझ लिया और हमारे प्रधानमंत्री इस कोरोना वायरस जैसे गंभीर वायरस के मामले में देश की अन्य किसी भी राजनैतिक पार्टियों को साथ ले कर नहीं चल रहे!
इस वक्त पूरे देश में एक बार फिर से ऐसा राजनैतिक माहौल बनता जा रहा है कि कोरोना वायरस से संबंधित यदि कोई विपक्षी पार्टी का नेता अच्छा सुझाव देता है तो भाजपा के नेताओं के द्वारा यह समझा जाता है कि कोरोना वायरस के मामले में दूसरे लोग दखलंदाजी क्यों कर रहे हैं? जब कि हमारे प्रधानमंत्री को इस खतरनाक वायरस को नियंत्रित करने के लिए देश की सभी राजनैतिक पार्टियों व सभी धर्म एवं जातियों का एक सामूहिक मोर्चा बना कर कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए कार्य करना चाहिये था!
कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए कोई एक सामूहिक मोर्चा ना होने की वजह से देश के सभी राज्यों में राजनैतिक प्रतियोगिता भी देखने को मिल रही है! कोरोना वायरस के मामले में ही एक दूसरे विपक्षी राज्यों की कार्यवाही को सही या गलत ठहराया जा रहा है! गरीब लोगों का पलायन लाखों की संख्या में इन गलत नीतियों के कारण ही हो रहा है!
हरियाणा के गुरुग्राम से ही हजारों की संख्या में मजदूर लोग पलायन कर चुके हैं! कोरोना वायरस से बचाने के लिए किये जा रहे राहत कार्यों में राजनीति इस कदर प्रवेश कर गई है कि अलग अलग संगठनों व पार्टियों के द्वारा टैंट व बैनर लगा कर गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था जो की गई है उस का संचालन सही नहीं है! गुरुग्राम में सड़े हुए भोजन की भी खबरें हैं कि एक बहुत बड़ी संस्था के द्वारा हजारों लोगों का भोजन भेजा गया जो कि गरीबों में ना बांटे जाने की वजह से सड़ कर बर्बाद हो गया! गुरुग्राम के कुछ वार्डों से भी शिकायतें आ रही हैं कि सरकार के द्वारा भोजन व राशन की वितरण प्रणाली ठीक नहीं है! लोगों को सुचारु रूप से राशन व भोजन नहीं मिल पा रहा!
दूसरी तरफ एक महा चिंता और भी सता रही है कि इन अंधे राजनेताओं ने यदि लॉक डाउन को और ज्यादा लंबे समय के लिए कर दिया तो प्रदेश का लाखों की संख्या में पशुधन भी भूख व प्यास से तड़प तड़प कर मर जायेगा! लाखों की संख्या में गायों व भैंसों के जीवन पर बड़ा भारी खतरा मंडरा रहा है! भाजपा व आरएसएस के नेता जिस गाय माता पर अपनी राजनीति करते हैं वही गाय माता इस लॉक डाउन के चलते आज गंभीर संकट में है! यदि पशुओं में मौतों का सिलसिला शुरू हो गया तो हरियाणा प्रदेश में भारी तबाही आ सकती है!
भाजपा व आरएसएस के नेता धर्म व जाति की गंदी राजनीति छोड़ कर सभी राजनैतिक पार्टियों व संगठनों के नेताओं को साथ ले कर इस कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण करने के लिए कार्य करें!
भारत की सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है कि कोरोना से ज्यादा जानें ले सकता है डर और साथ में ही निर्देश दियें हैं कि फेक न्यूज रोकी जायें व आंकड़ें झूठे ना दियें जायें! सुप्रीम कोर्ट में पलायन को मजबूर कामगारों को राहत मुहैया कराने के लिए लगाई गई दो याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को साफ साफ शब्दों में चेताया कि लोगों में दहशत का माहौल कोरोना के खतरे से ज्यादा जानें ले सकता है! सरकार महामारी पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करे! गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा स्थित रिलीफ सेंटर में सफाई की व्यवस्था चौपट है व पीडि़त लोगों को खाना भी ढंग से नहीं मिल रहा! दूसरी तरफ गुरुग्राम नगर निगम की लापरवाही सामने आई है कि जिन घरों में क्वारंटीन के नोटिस चस्पा कर दिये गये हैं वहां पर वे लोग रहते ही नहीं! इसी प्रकार हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के आवास पर क्वारंटीन के जो नोटिस चस्पा किये गये वो नोटिस वहां से हटा दिये गये व उन के आवास में सभी कार्य चल रहे हैं! यह क्या माजरा है? एक गरीब आदमी के लिए तो सोशल डिस्टेंस लागू है और प्रदेश के प्रधान सचिव के लिए नहीं! यह एक अजीबोगरीब राजनीति है!



