जनचेतना रैली निकाली जल और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

फरीदाबाद : राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के विशेष सात दिवसीय शिविर में स्वयंसेवकों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के विषय में जागरूक किया गया तथा प्राध्यापिका सीमा और सुनील कुमार ने वॉलंटियर्स के साथ जनचेतना रैली से जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। विद्यालय की जूनियर रेड क्रॉस और सेंट जॉन एम्बुलैंस ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलंटियर्स को जल संरक्षण एवम पर्यावरण संरक्षण की जनचेतना रैली की हरी झंडी दिखाकर जागरूकता के लिए रवाना किया।

प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने जल के बुद्धिमतापूर्ण उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलंटियर्स को बताया कि हमारे अस्तित्व के लिए शुद्ध जल और शुद्ध वायु का निर्बाध प्राप्त होना बहुत ही आवश्यक है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एन सी आर में जल और वायु प्रदूषण निरंतर बढ़ रहा है। हम सभी इस के लिए दोषी हैं और बहुत सीमा तक उत्तरदायी हैं। छोटे छोटे और सामूहिक प्रयासों से हम जल और वायु को प्रदूषित होने से बचा सकते है। जल स्त्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जीवनदायिनी नदियों में अपशिष्ट प्रदार्थों, औद्योगिक वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट एवम सीवर वेस्ट को बहाने और फेकने से बचना होगा। सीवर के वेस्ट को शोधित करके सिंचाई एवं सफाई के कार्यों में उपयोग करना होगा। जल को बहुत हो मितव्ययता से और बुद्धिमता से प्रयोग में लाने की आवश्यकता सभी को समझनी होगी। इसी प्रकार पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए अधिक से अधिक पौधे रोप कर उन्हें वृक्ष बनाने के लिए योजना पूर्वक कार्य करना होगा। पौधें लगा कर उन का ध्यान रखना, समय समय पानी देना और उन की पूरी सुरक्षा करने को तत्पर रहने की भी आवश्यकता समझनी होगी।

प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि वृक्ष तथा पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों के प्रति हमारे मन में श्रद्धा होनी चाहिए। लोगों के बीच जल का महत्व, आवश्यकता और संरक्षण के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये इस प्रकार कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता है। विश्व में पीने के पानी का लगभग आधा हिस्सा भूजल से प्राप्त किया जाता है। भूजल को खोजना, बचाना और ठीक प्रकार से प्रयोग करना होगा। प्राचार्य मनचंदा ने सुंदर आयोजन और संयोजन के लिए सभी वॉलंटियर्स और अध्यापकों का अभिनंदन करते हुए जल के बुद्धिमता पूर्वक उपयोग और संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आने वाली जेनरेशन को जल और वायु शुद्ध रूप में प्रयाप्त मात्रा में सुलभता से प्राप्त हो।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!